मतदाता पुनरीक्षण अभियान में सहयोग न करने पर विकास खंड के सात गांवों के रोजगार सेवकों से सीडीओ ने स्पष्टीकरण तलब किया है। इन पर आरोप है कि बीएलओ बनाये जाने के बाद भी मतदाता पुनरीक्षण की सामग्री नहीं ली और न ही यह केंद्रों पर गए।
विकास खंड मुजेहना के ग्राम पंचायत देवरिया अलावल के गोंडा रोजगार सेवक अब्दुल रहीम, मेई दूबे के श्याम सिंह यादव, कर्मडीह के बाबादीन, महेशभारी के दयाशंकर पांडेय, दुल्हापुर के योगेश शुक्ल, भोरहा की प्रतिमा सिंह व कौरहे के पाटेश्वरी प्रसाद वर्मा को मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए बीएलओ बनाया गया था।
इसकी देखरेख की जिम्मेदारी उप जिलाधिकारी मनकापुर अनिल मिश्र को सौंपी गई थी।
एसडीएम अनिल मिश्र के मुताबिक इन सभी रोजगार सेवकों को विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के प्रशिक्षण में बुलाया गया था, लेकिन सातों ग्राम पंचायतों के रोजगार सेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम से नदारद रहे और पुनरीक्षण सामग्री भी नहीं ली।
साथ ही आठ व 22 नवबंर को चलाये गए विशेष अभियान में भी ये बूथों पर नही पहुंचे।
इससे नाराज उपजिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को इन सभी का मानदेय तत्काल रोकने का निर्देश देते हुए इन्हें तत्काल तहसील भेजकर पुनरीक्षण सामग्री प्राप्त करने के लिए कहा था, लेकिन इसके बाद भी रोजगार सेवकों ने सामग्री प्राप्त नहीं की।
एसडीएम मनकापुर अनिल मिश्र ने इसे कार्यों मे लापरवाही मानते हुए बीएलओ बनाए गए इन सातों रोजगार सेवकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति की।
मुख्य विकास अधिकारी ने इन सभी रोजगार सेवकों से स्पष्टीकरण तलब किया है तथा संतोषजनक जवाब न देने पर विभागीय जांच की चेतावनी भी दी है।