गोंडा। दो वर्ष के भीतर तीसरी सरकारी नौकरी हासिल कर पेंटर के बेटे मयंक ग्राम पंचायत अधिकारी बन गए। पहले लेखपाल, फिर वन दरोगा और अब ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर उनका चयन हुआ।
करनैलगंज के जहांगिरवा निवासी मयंक के पिता अमिताभ मिश्र पेंटिंग का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि मयंक पूरी तरह पढ़ाई के लिए समर्पित हो सकें, इसलिए उन्होंने पिता का हाथ बंटाया। दिनभर पेंटिंग का काम करने के बाद रात में पढ़ाई करना उनकी दिनचर्या बन गई। सीमित संसाधनों के बावजूद मयंक ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी।
जनवरी 2024 में उनका चयन लेखपाल पद पर हो गया। उन्होंने सदर तहसील में कार्यभार ग्रहण किया। अक्तूबर 2024 में मयंक का चयन वन दरोगा पद पर हुआ। जालौन में तैनाती मिली, लेकिन घर से काफी दूर होने के कारण उन्होंने पद पर जॉइन नहीं किया। हाल ही में घोषित ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती के परिणाम में भी मयंक का चयन हो गया।