गोंडा। सरयू नदी का बहाव 24 घंटे से स्थिर है। इसके चलते माझा के लोगों में हलचल बढ़ गई है। प्रभावित गांव के लोगों को अब इस बात का डर सताने लगा है कि उनके खेत खलिहानों में बाढ़ का पानी कुछ और दिन भरा रहा तो बची फसल भी तबाह हो जाएगी। ब्यौंदा माझा, दत्तनगर, साकीपुर, तुलसीपुर, माझाराठ, जैतपुर, दुल्लापूर, कटराभोगचंद, महेशपुर और दुर्गागंज गांव के तमाम मजरे बाढ़ से घिरे हुए हैं। लगातार कई दिन से जलभराव के चलते लोगों को रोजमर्रा की वस्तुओं में तंगी आने लगी है। खेतों में जलभराव से श्रमिक तबके के लोगों की दैनिक मजदूरी भी प्रभावित हो गई है। बाढ़ से घिरे स्कूलो में पठन पाठन भी प्रभावित चल रहा है। ब्यौंदा माझा के कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक रोजाना नाव से आते-जाते हैं पर अभिभावक जलभराव के जोखिम को देखते हुए बच्चो को स्कूल नहीं भेज रहे। दत्तनगर का बैसिया व साकीपुर का अठ्ठईसा प्राथमिक स्कूल भी बाढ़ से प्रभावित है।