गोंडा। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों में छात्राओं को अब इंटर तक की पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। इसके लिए शासन ने पहल की है। महानिदेशक स्कूली शिक्षा ने जिले के 10 कस्तूरबा स्कूलों में भवन निर्माण के लिए जमीन का प्रस्ताव मांगा है। एक एकड़ भूमि में एक करोड़ 77 लाख की लागत (अभी तक तय दर) से भवन का निर्माण होना है। फिलहाल इंटर तक की पढ़ाई होने से छात्राओं को शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।
जिले में 17 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों का संचालन कक्षा छह से आठ तक हो रहा है। प्रत्येक स्कूल में सौ छात्राएं आवासीय सुविधा से शिक्षा ग्रहण कर रहीं हैं। मगर आठवीं के बाद दूसरे कालेजों में जाना पड़ता है। शासन ने साल 2019 में निर्णय लिया था कि कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों को इंटर तक अपग्रेड किया जाए। इसके लिए जिले के तीन स्कूलों का चयन किया गया है। जिसमें झंझरी, हलधरमऊ व कटरा बाजार में स्कूल भवन का निर्माण हो रहा है। महानिदेशक बेसिक शिक्षा ने 10 और कस्तूरबा स्कूलों में 12 वीं तक की पढ़ाई कराने की स्वीकृति दी है, और जमीन का प्रस्ताव मांगा है। उन्होंने कस्तूरबा स्कूलों के 200 मीटर दायरे में जमीन का प्रबंध करने को कहा है, जिससे छात्राओं को दिक्कत न हो। माना जा रहा है कि दो सालों में जिले के सभी 17 कस्तूरबा स्कूलों में इंटर तक की पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी है। इससे छात्राओं के आगे की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी, अभी काफी छात्राएं आगे की पढ़ाई बंद कर देती हैं।
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बभनजोत को नहीं मिल रही जमीन
- बभनजोत ब्लाक के कस्तूरबा स्कूल में 12 वीं तक की पढ़ाई के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। एक साल से जमीन नहीं मिल रही है। जिससे निर्माण शुरू नहीं हो सका है। स्कूल के दो सौ मीटर के दायरे में भूमि ही नहीं मिल रही है। तहसील से विभाग पत्राचार कर रहा है, लेकिन भूमि न होने से मामला लटका हुआ है। यहां भी भूमि के प्रबंध के लिए प्रयास हो रहा है।
जल्द ही शुरू की जाएगी प्रक्रिया
कस्तूरबा गांधी स्कूलों में इंटर तक की पढ़ाई की व्यवस्था की योजना है। भूमि के लिए प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। दो साल में सभी स्कूलों को इंटर कॉलेज किया जाना है। गणेश गुप्ता, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा