दुर्जनपुर घाट। विभागीय लापरवाही के कारण प्राथमिक विद्यालय दुर्जनपुर घाट द्वितीय के नए भवन का निर्माण डेढ़ वर्ष से अटका हुआ है। जर्जर विद्यालय के ध्वस्तीकरण के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने नए भवन के निर्माण की अनुमति दी थी, लेकिन बजट जारी करने के लिए जब विभाग ने यू-डाइस कोड मांगा तो बीईओ कार्यालय की गलती से दुर्जनपुर घाट प्रथम विद्यालय का कोड भेज दिया गया। परिणामस्वरूप शासन से धनराशि जारी होने के बावजूद पैसा सही खाते में नहीं पहुंचा और निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
ग्राम प्रधान मंजू ने बताया कि अब बच्चे और शिक्षक पुराने भवन के एक कमरे में किसी तरह शिक्षण कार्य कर रहे हैं। करीब 80 छात्र-छात्राओं के साथ तीन अध्यापक, दो शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका एक ही कमरे में कार्य करने को मजबूर हैं।
प्रधानाध्यापक आयशा जमाल ने बताया कि त्रुटिवश गलत कोड भेजा गया था, जिसे सुधारने के लिए उच्च अधिकारियों ने परियोजना कार्यालय को पत्र लिखा है। यू-डाइस कोड संशोधित होने के बाद ही विद्यालय भवन निर्माण शुरू हो सकेगा।