गोंडा। श्रमिकों के बच्चों को 12 वीं तक अब मुफ्त शिक्षा मिलेगी। मनकापुर के सिसवा में आठ करोड़ की लागत से बन रहे अटल आवासीय स्कूल के संचालन की तैयारी शुरू हो गई है। विद्यालय में रहने-खाने और सभी प्रकार की सुविधाओं की व्यवस्था शासन से होगी। स्कूल संचालन के लिए आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। अभी विद्यालय में दो सेक्शन में कुल 80 छात्रों को प्रवेश दिए जाने की तैयारी है।
स्कूल में छात्रों का चयन स्टेट रिजर्वेशन पॉलिसी के अनुसार किया जाएगा। शुरुआती वर्षों में छात्रों का चयन सीबीएसई द्वारा किया जाएगा, जबकि बाद में मंडल संचालन समिति चयन करेगी। इस बार मई 2023 में प्रवेश परीक्षा और फिर जून में काउंसिलिंग की जाएगी। विद्यालयों का संचालन मंडल स्तरीय समिति करेगी, क्योंकि अटल आवासीय स्कूल मंडल में एक मात्र स्कूल है जिसे मंडलीय स्कूल का दर्जा हासिल है।
समिति छात्रों का चयन और स्कूल संचालन की निगरानी करेगी। समिति में अध्यक्ष आयुक्त जबकि डीएम उपाध्यक्ष होंगे। डिप्टी लेबर कमिश्नर सदस्य सचिव होंगे तो बीएसए, डीआईओएस, एडी बेसिक, नवोदय के प्रिंसिपल, अटल आवासीय विद्यालय के प्रिंसिपल एवं एडिशनल कमिश्नर फाइनेंस या चीफ ट्रेजरी ऑफीसर (कमिश्नर द्वारा नॉमिनेटेड) समिति के सदस्य होंगे। समिति गठन की कार्यवाही जल्द पूरी हो जाएगी। (संवाद)
शैक्षिक सत्र में अभी होगी अस्थाई नियुक्ति
शैक्षिक सत्र के संचालन के लिए अभी अस्थाई नियुक्ति होगी, बाद में स्थाई नियुक्ति सीबीएसई के नियमों से होगी। अभी अस्थाई रूप से स्कूल में एक प्रिंसिपल, एक एडमिन और 11 शिक्षकों का स्टॉफ होगा। अस्थाई नियुक्ति के लिए प्रिंसिपल की जो अर्हता रखी गई है, उसके अनुसार अभ्यर्थी नवोदय या सैनिक स्कूल के प्रिंसिपल पद से रिटायर हुआ हो। 60 से 65 की उम्र के बीच अभ्यर्थी का स्वास्थ्य भी अच्छा होना चाहिए। इसी तरह एडमिन के लिए पूर्व आर्मी ऑफिसर होना अनिवार्य है। उम्र 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसी तरह शिक्षकों के लिए नवोदय, सैनिक स्कूल, केवी या माध्यमिक के टीचर पद से रिटायर अभ्यर्थी को ही योग्य माना जाएगा। इनकी उम्र भी 60 से 65 के बीच रखी गई है। अप्रैल तक अस्थाई चयन की तैयारी है। अटल आवासीय विद्यालय में 45 पदों पर स्थायी नियुक्तियां होंगी। इसकी स्वीकृति दी गई है।
अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की ये बेहतर योजना है। शासन के निर्देश पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी