गोंडा। सरकारी खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता के लिए शुरू किए गए जेम पोर्टल (गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस) में भी सेंधमारी कर सेहत माफिया खेल कर दे रहे हैं। एक ही व्यक्ति से संबंधी तीन फर्माें से बिड डलाया जाता है। दूसरे निविदादाताओं को नियम व शर्तों को तोड़मरोड़ कर बाहर कर दिया जाता है।
मुख्य विकास अधिकारी एम. अरुन्मोली की जांच में सीएमओ कार्यालय के खेल का पर्दाफाश हुआ है। जांच रिपोर्ट की मानें तो विगत 23 जनवरी 2023 को 26 लाख, 56 हजार, 957 रुपये से प्रिटिंग व फ्लैक्स संबंधी कार्य के लिए जेम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित की गई। जिसमें 20 फर्मों ने अपना बिड डाला। लेकिन-नियम कायदों को ताक पर रखकर बिना विशेषज्ञ की राय लिए मेसर्स प्रतिभा प्रेस मल्टीमीडिया, मेसर्स अनुभव इंटरप्राइजेज सहित 10 फर्माें के नमूनों को अयोग्य मानकर निविदा से बाहर कर दिया गया। सात फर्मों के कागजात अधूरे पाए गए। बाकी तीन फर्मों के बीच बिड करवाकर मेसर्स मेट्रो प्रिंटर को काम दे दिया गया। जबकि यह भी नहीं देखा गया कि ये तीनों फर्में एक ही व्यक्ति से संबंधीत तो नहीं हैं।
इस बिड को अनुमोदित करने वालों में सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, ड्रग वेयर हाउस के चीफ फार्मासिस्ट घनश्याम पांडेय, एसीएमओ स्टोर डॉ. आदित्य वर्मा तत्कालीन सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. पीडी गुप्ता व वित्त एवं लेखाधिकारी श्रीराम मौर्य थे। जांच में इन सभी की भूमिका को संदिग्ध बताया गया है।