विश्नोहरपुर/करनैलगंज। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में कटान तेज हो गई है। दत्तनगर के बाड़ी मांझा में शुक्रवार शाम कटान की जद में आने से दिनेश यादव का तीन कमरों का पक्का मकान नदी में समा गया। परिवार गृहस्थी का पूरा सामान भी नहीं निकाल सका।
पीड़ित ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे उनका मकान कटान की चपेट में आ गया। मकान की दीवार पुरानी थी, लेकिन दो महीने पहले ही नई छत डलवाई थी।
दिनेश की पत्नी मंजू ने बताया कि परिवार बचे हुए एक छप्पर के नीचे रहने को मजबूर है। पिछले साल कटान से हुए नुकसान का मुआवजा भी अब तक नहीं मिला। वहीं, पड़ोसी चंदी यादव का पक्की दीवार और सीमेंट चादर का मकान भी पिछले साल कटान में समा गया था, लेकिन उन्हें भी मुआवजा नहीं मिला।
वहीं, एल्गिन ब्रिज पर शनिवार सुबह आठ बजे सरयू नदी का जलस्तर 104.980 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.070 मीटर है जो खतरे के निशान से 1.09 मीटर नीचे है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े गए करीब 1.10 लाख क्यूसेक पानी के कारण रविवार से जलस्तर बढ़ने की संभावना है। ग्राम बहुवन मदार मांझा, मांझा रायपुर और चंदापुर किटोली के पास सिंचाई विभाग की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने कहा कि जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है।