फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: सरयू का जलस्तर स्थिर, कटान हुई तेज

Tue, 28 Jul 2026 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
विज्ञापन
कटान करती सरयू।
विज्ञापन
करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर नीचे बह रही है। नदी में पानी स्थिर है। हालांकि तटवर्ती क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है। मंगलवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.06 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.07 मीटर है। नदी का डिस्चार्ज सोमवार शाम के 2,51,311 क्यूसेक से घटकर मंगलवार को 2,03,670 क्यूसेक रह गया।
विज्ञापन

पानी घटने के साथ नदी बहुवन मदार माझा, माझा रायपुर, बेहटा, पारा, नकहरा और काशीपुर के पास कृषि योग्य भूमि को काट रही है। उपजाऊ खेत नदी में समा रहे हैं। वहीं मैदानी इलाकों में भी पानी फैल रहा है। हालांकि, आबादी वाले गांवों में अभी पानी नहीं पहुंचा है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि डिस्चार्ज घटकर करीब दो लाख क्यूसेक रह गया है। इससे जलस्तर तेजी से घटेगा।
विश्नोहरपुर संवाद के अनुसार, नवाबगंज के माझा क्षेत्र में दो दिन बाद मंगलवार से नदी ने फिर कटान शुरू कर दी। क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की व्यवस्थाएं कागजों तक सीमित हैं। दत्तनगर और साकीपुर में कटान के चलते ग्रामीण पलायन को मजबूर हैं। सरयू विश्वकर्मा ने बताया कि कटान धीमी गति से हो रही है। ननके व राम सजीवन का कहना है कि उनका छप्पर कटान की जद में है और उन्हें दूसरों की जमीन पर शरण लेनी पड़ेगी।
विज्ञापन

दयाशंकर ने बताया कि अधिकारी कर्मचारी मौके पर आकर स्थिति देखकर चले जाते हैं, कोई व्यवस्था नहीं कराते। पिछले साल कटान में घर व खेत गंवा चुके चंदी यादव को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। फूलचंद ने बताया कि लेखपाल ने नुकसान के कागज देने को कहा है। ग्रामीणों के अनुसार आवास, भोजन और पशुओं के चारे का कोई प्रबंध नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवा नहीं बांटी है। पीने का पानी भी दूषित है। टीकाकरण न होने से पशुओं में गलाघोंटू, खुरपका व मुंहपका जैसी बीमारियों की आशंका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें