गोंडा के करनैलगंज में जमीन की कटान करती सरयू नदी।
करनैलगंज (गोंडा)। बीते करीब दस दिनों से सरयू नदी में चल रहे उतार-चढ़ाव के बाद अब नदी का रुख बदल गया है। सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 29 सेंटीमीटर बढ़ा है। जलस्तर में वृद्धि होता देख बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। दूसरी तरफ नदी जमीन की कटान तेजी से कर रही है। रविवार को तीन बैराजों से एक लाख 26 हजार क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज हो रहा था।
बाढ़ से गोंडा जिले के करनैलगंज व तरबगंज तहसील के करीब दो दर्जन गांव प्रभावित होते हैं। हजारों की आबादी को बाढ़ का दंश झेलना पड़ता है। इस बार हालांकि नदी में ज्यादा पानी नहीं आया। बीते वर्षों में बांध कटने से लोगों का घर तक नदी की धारा में समाहित हो गया था। इस बार नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। कभी सरयू नदी लाल निशान छूने को बेताब हो जाती है तो कभी घटता हुआ जलस्तर जमीन को तेजी से निगलने लगता है।
अब एक बार फिर जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। शनिवार की सुबह आठ बजे से रविवार की सुबह आठ बजे तक नदी के जलस्तर में 29 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। माझावासी रामकुमार, दृगपाल, निबरे का कहना है कि नदी में पानी तेजी से बढ़ रहा है। वह लोग करीब दो माह पहले से ही बंधे पर डेरा डाले हुए हैं। पशुओं के चारे की समस्या बनी हुई है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता वीएन शुक्ला का कहना है कि नदी खतरे के निशान से नीचे है। फिर भी एहतियात बरतने के निर्देश अधीनस्थों को दिए गए हैं।