गोंडा। पहाड़ों पर लगातार बारिश व नेपाल के बैराजों से छोड़े गए पानी से सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। सोमवार सुबह नदी का जलस्तर 92.770 रिकार्ड किया गया जो कि खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में पानी फैलने लगा है। हालांकि सोमवार दोपहर नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर की गिरावट आई है।
नदी का पानी खेतों में फैलने के साथ लोगों के घरों की तरफ भी बढ़ रहा है। इससे तटीय इलाकों में कटान का खतरा भी उत्पन्न हो गया है। नदी के तटीय इलाकों में बसे दत्तनगर, साखी, तुलसीपुर माझा, गोकुला, माझा राठ, जैतपुर माझा, दुर्गा गंज माझा में खेतों में पानी फैलने से हजारों एकड़ फसलें तबाह हो रही हैं। गांवों की तरफ पानी बढ़ने से लोगों के आने-जाने के रास्तों पर जलभराव हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
माना जा रहा है कि सरयू नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ा तो माझा के लोगों को अपने मवेशी के साथ किसी सुरक्षित ठिकाने की तलाश में निकलना पड़ेगा। तहसील प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है। तहसील प्रशासन ने दत्तनगर, गोकुला,साखीपुर में लोगों आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था कराई है।