करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी के जलस्तर में बुधवार को भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। एल्गिन ब्रिज पर सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक आठ घंटे में जलस्तर आठ सेंटीमीटर बढ़ा। यानी औसतन हर घंटे एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। शाम चार बजे नदी का जलस्तर 105.88 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से महज 19 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने का रुख बना रहने से नदी किनारे के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
बुधवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 105.80 मीटर दर्ज किया गया था। उस समय यह खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर नीचे था। शाम चार बजे जलस्तर बढ़कर 105.88 मीटर हो गया। इस दौरान बैराजों से पानी का कुल डिस्चार्ज 2,93,365 क्यूसेक से घटकर 2,84,717 क्यूसेक रह गया। इसके बावजूद एल्गिन ब्रिज पर पानी बढ़ता रहा।
सुबह आठ बजे गिरिजा बैराज से 1,64,038 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,26,629 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,698 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शाम चार बजे गिरिजा बैराज से डिस्चार्ज घटकर 1,55,103 क्यूसेक हो गया, जबकि शारदा बैराज से 1,26,629 और सरयू बैराज से 2,958 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह कुल डिस्चार्ज में 8,648 क्यूसेक की कमी आई। हालांकि इसका असर तत्काल एल्गिन ब्रिज के जलस्तर पर नहीं दिखा और पानी लगातार बढ़ता रहा।
अयोध्या में भी सरयू का जलस्तर बुधवार को बढ़ा। सुबह आठ बजे यहां जलस्तर 92.22 मीटर था, जो शाम चार बजे बढ़कर 92.32 मीटर पहुंच गया। यहां खतरे का निशान 92.73 मीटर है। शाम चार बजे अयोध्या में नदी का पानी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर नीचे था।
तटीय इलाकों में बढ़ाई गई सतर्कता
एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं। बुधवार शाम तक किसी गांव में बाढ़ का पानी घुसने की सूचना नहीं थी, लेकिन जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। विश्नोहरपुर इलाके में भी सरयू नदी में कटान स्थिर है। एडीएम संजय कुमार सिंह व आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा लिया।