नदी में उफान से माझावासियों की धड़कनें
संवाद न्यूज एजेंसी
करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी में जलस्तर के घटने और बढ़ने का सिलसिला चल रहा है। अब एक बार फिर बीते 24 घंटे में सरयू नदी 34 सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान को पार करते हुए 8 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। हालांकि जलस्तर बढ़ने के कारण कटान तो नहीं हुई, मगर नदी का पानी बांध को छूने लगा है। इससे बांध पर संकट बढ़ गया है, जलस्तर घटने पर नदी सीधे बांध के किनारे आ जाएगी।
मंगलवार को सुबह 8 बजे सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे चल रहा था। वहीं बुधवार की सुबह 8 बजे तक नदी का जलस्तर लगातार करीब डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़कर खतरे के निशान 107.616 पर पहुंच गई है। खतरे का निशान 106.07 है। मंगलवार की देर शाम जलस्तर तेजी से जब बढ़ने लगा तो कटान बंद हो गई और नदी का पानी बढ़ते हुए बांध के किनारे आने लगा।
जहां पर कटान हो रही थी वहां से बांध 40 मीटर अभी दूर है। जिस तरह मंगलवार को कटान हुई अगर इसी स्थिति में एक बार कटान शुरू हुई तो नदी का रुख सीधे बांध की तरफ होने की उम्मीद है। हालांकि बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बांध पर बोल्डर और पत्थर जमा करके बांध को मजबूत करने का काम किया गया है।
बहुवनमदार माझा में अधिकारियों ने किया निरीक्षण
बुधवार को बाढ़ खंड के अधिकारियों ने ग्राम बहुवन मदार माझा के पास हुई कटान के स्थल का निरीक्षण किया। नाव से अधीक्षण अभियंता मनोज साहू, सहायक अभियंता अमरेश सिंह, अवर अभियंता रवि वर्मा ने करीब 1 किलोमीटर की लंबाई में बांध को देखा। नदी लगातार बांध की तरफ बढ़ रही है। जिसे बचाने के लिए लगातार निगरानी करने के साथ-साथ परखोपाइन लगाने, नदी में पेड़ डालने, बालू भरी बोरियां डालने और बांध के आसपास पत्थर बोल्डर लगाने के निर्देश दिए।