गोंडा। सरयू नदी में अचानक उफान आ गया है। नदी अब खतरे का निशान पार करने को बेताब दिख रही है। एल्गिन ब्रिज के पास सरयू नदी का जलस्तर 104.696 से बढ़कर शुक्रवार काे 105.096 पहुंच गया। नदी अब खतरे के निशान से महज 98 सेंटीमीटर दूर ही बची है। वहीं, नदी में 1,69,360 क्यूसेक पानी का नदी में डिस्चार्ज हो गया है। इससे नदी का जलस्तर और बढ़ने के आसार हैं। जलस्तर इसी रफ्तार में बढ़ता रहा तो शनिवार को नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी।
तीन दिन से नदी के जलस्तर में गिरावट हो रही थी। सरयू नदी की चाल भी तीखी नहीं थी। मगर शुक्रवार को सुबह से ही सरयू नदी के तेवर तीखे हो गए। जलस्तर बढ़ने के साथ ही अब नदी की चाल भी तेज हो गई है। इससे तटबंधों में कटान की आशंका बढ़ गई है। सिंचाई एवं बाढ़ कार्य खंड के अधिकारियों ने तटबंध की निगरानी बढ़ा दी है। कई स्थानाें पर तटबंध कमजोर होने के कारण उसे मजबूत करने का काम अभी चल ही रहा है। माना जा रहा है कि ठोकर बनाकर तटबंध को सुरक्षित करने के काम तो हुए हैं मगर ठोकर प्रभावित होने से तटबंध पर असर पड़ सकता है। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता अमरेश सिंह का कहना है कि तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। अभी नदी से कोई खतरा नहीं है। तटबंध की लगातार निगरानी की जा रही है।
सरयू नदी के जलस्तर में आई तेजी से तरबगंज तहसील के कई गावों में खलबली मच गई है। नदी के पानी से कई गांव घिर गए हैं और खेतों में कटान शुरू हो गई है। तहसील के दुर्गागंज, तुलसीपुर, जैतपुर, ब्यौंदा, परास आदि गावों में नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ ने दस्तक दे दी है। नदियों की चाल ऐसी है कि कई गांवों में कभी भी बाढ़ आ सकती है। अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी कहते हैं कि स्थिति पर पूरी नजर है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य की तैयारी पूरी कर रखी है।