करनैलगंज में ड्रोन से ली गई एल्गिन-चरसड़ी तटबंध की तस्वीर। - संवाद
गोंडा। बैराजों से छोड़े गए पानी से सरयू नदी उफान पर है और खतरे का निशान पार करने को बेताब दिख रही है। नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान से सिर्फ 85 सेंटीमीटर दूर बचा है। बुधवार को बैराजों से फिर डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो बृहस्पतिवार को एलगिन चरसड़ी ब्रिज तक पहुंचेगा। इसके बाद नदी का जलस्तर और बढ़ेगा।
नदी में बाढ़ से नवाबगंज क्षेत्र के गांवों में लगातार पानी का फैलाव हो रहा है। करीब एक दर्जन गांवों की ओर तेजी से पानी बढ़ रहा है। साकीपुर में स्थिति ज्यादा गंभीर है। यहां खेतों की कटान शुरू हो गई है। तरबगंज के ब्यौंदा माझा में भी पानी पहुंच गया है। इसी तरह तुलसीपुर, दुर्गागंज, जैतपुर आदि गांवों की ओर बाढ़ का पानी पहुंच रहा है। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से नदी में उफान है।
बुधवार को सरयू नदी खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 105.226 पर पहुंच गई है। जो खतरे के निशान से महज 85 सेंटीमीटर नीचे है। आसपास के जिलों में बारिश एवं बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ नदी कई स्थानों पर बांध से टकराने लगी है। ग्राम चंदापुर किटोली के पास बनाए गए स्पर और ठोकर से पानी लगातार टकरा रहा है। इसके अलावा अब पानी बांध के पास पहुंच गया है। बांध की निगरानी को तैनात अवर अभियंता रवि वर्मा ने बताया कि बुधवार को 149661 क्यूसेक पानी विभिन्न बैराजों से छोड़ा गया जो बृहस्पतिवार को पहुंचेगा। हालांकि, अभी किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।