इटियाथोक के पारासराय में बना कूड़ा प्रबंधन केंद्र। - संवाद
गोंडा। स्वच्छ भारत मिशन फेज टू से इस बार 639 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण अभियान चलेगा। इस पर 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है। इससे ग्राम पंचायतों में कूड़ा अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाया जाएगा, जहां एकत्र कूड़े का निस्तारण कराया जाएगा। कूड़े से जैविक खाद तैयार करने की भी योजना है।
स्वच्छता को प्रत्येक व्यक्ति की आदत में शामिल कराने के लिए जिले की 639 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत ग्राम पंचायतों के धार्मिक स्थलों, स्कूलों, पंचायत भवन, ग्राम सचिवालय, आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य केंद्रों, गलियों व चौराहों की सफाई को लेकर विशेष अभियान चलेगा।
ग्रामीणों को एक ही जगह पर कूड़ा डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जहां से गीले और सूखे कूड़े को अलग किया जाएगा। इसके लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनेगा, जिसका निर्माण पंचायतीराज विभाग कराएगा। पहले चरण में 75 पंचायतों का चयन हुआ था, जिसमें अभी कार्य हो रहा है।
योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों में एक ही स्थान पर बड़ा कूड़ाघर बनेगा। जहां कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। विभाग के मुताबिक कचरा प्रबंधन के तहत गांवों में कूड़ा एकत्र कर कंपोस्ट व जैविक खाद बनाई जाएगी। इसमें गांव के लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा। प्लास्टिक कूड़ा एकत्र करने के लिए अलग से प्लास्टिक बैंक स्थापित किए जाएंगे, जिससे लोग उसमें कूड़ा डाल सकें।
स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक अभय प्रताप रमन ने बताया कि ग्राम पंचायतों में ही कूड़ा निस्तारण के लिए विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। गीले और सूखे कूड़े को अलग करके जैविक और कंपोस्ट खाद बनाने की भी योजना है।