गोंडा। जलस्तर बढ़ने से सरयू ने अब गांवों में कटान शुरू कर दी है। करनैलगंज के पांच तो तरबगंज के सात गांव पानी से घिरे हैं। इन गांवों में खेतों के साथ ही अब घरों में भी कटान शुरू हो गई है। करनैलगंज के एलगिन-चरसड़ी तटबंध के पास नदी खतरे के निशान को पार कर एक फिट ऊपर बह रही है।
नवाबगंज क्षेत्र में बीते 12 घंटे से बारिश व बैराजों से छोड़े गए पानी से नदी फिर उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी गावों की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में पशुओं के चारे की समस्या के साथ साथ पलायन का भी भय लोगों को सता रहा है। ढेमवा घाट से लेकर दुर्गागंज माझा के बीच पड़ने वाले छह गांवों के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। इन गांवों में कटान भी तेज हो गई है। दत्तनगर से सोहावल के लिए अब तक सरकारी नाव नहीं चलाई गई है। इससे लोग परेशान हैं।
करनैलगंज में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही सरयू नदी अब खतरे के निशान से एक फीट ऊपर पहुंच गई है। वहीं, डिस्चार्ज भी बढ़ गया है। जिससे लगातार जलस्तर में वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है। सोमवार को अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी व जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने नकहरा पहुंचकर बाढ़ के हालात का जायजा लिया।
विभिन्न बैराजों से रविवार को छोड़े गए 2.97 लाख क्यूसेक पानी की आमद सोमवार को शुरू हो गई। इससे नदी का रुख तेजी से बढ़कर खतरे के निशान को पार कर गया। सोमवार को नदी खतरे के निशान को पार कर गई। सोमवार को बैराजों से 2.95 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो मंगलवार से यहां पहुंचेगा। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़त के चलते अधिकारियों ने बांध की कांबिंग व सुरक्षा की दृष्टि से रखरखाव तेज कर दिया है। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने सोमवार को एल्गिन चरसड़ी बांध का कई स्थानों पर निरीक्षण किया। सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। ग्राम चंदापुर किटौली, माझा रायपुर, बांसगांव के सामने नदी सीधे बांध से टकरा रही है। इससे बांध के लिए खतरा बढ़ गया है। बांध पर तैनात अवर अभियंता रवि वर्मा का कहना है कि बांध की लगातार निगरानी चल रही है। किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। बारिश अधिक होने के चलते जलस्तर में वृद्धि हुई है।