बलरामपुर के महराजगंज तराई स्थित नहर
गोंडा। महंगा डीजल खरीदकर फसलों की सिंचाई करने वाले बलरामपुर के पांच हजार किसानों के लिए राहत भरी खबर है। नहर विभाग ने किसानों को सिंचाई की सुविधा देने की कार्ययोजना तैयार की है। करीब दस करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
स्वीकृति व बजट मिलने पर नहरों के दुरुस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। सरयू नहर खंड तीन व सरयू नहर खंड पांच को बलरामपुर जिले में राप्ती नहर योजना की जिम्मेदारी मिली है। दोनों खंडों ने शासन को नहरों की मरम्मत व दुरुस्ती करण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
दस करोड़ से करीब 50 से अधिक नहरों व माइनरों की मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही उसकी सफाई कराकर उनमें बहाव की गति बढ़ाई जाएगी, ताकि खेतों तक आसानी से पानी पहुंचाया जा सके। नहरों पर अधूरी पुलियों का निर्माण कराया जाएगा। जगह-जगह पर सायफन भी लगाए जाएंगे। जोकि नहरों पूर्व में क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और उनके मरम्मत पर जोर दिया जाएगा।
आवागमन होगा बेहतर
- नहर विभाग ने जो योजना बनाई है, उसके तहत फसलों की सिंचाई तो होगी ही, साथ में पब्लिक को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। जिन नहरों पर पुलियों का निर्माण नहीं हुआ है वहां पर पुलिया बनाई जाएगी। एक दर्जन स्थानों पर सायफन की व्यवस्था कराई जाएगी। यह कार्य पूरा होने पर आमजन के साथ ही किसान भी अपने वाहनों से सीधे खेत व अन्य गांवों को जा सकेंगे। अभी तक उन्हें काफी दूरी का चक्कर लगाकर दूसरे गांवों व पुरवों में जाना पड़ रहा है।
बजट मिलने पर शुरू कराएंगे कार्य
सरयू नहर खंड तीन के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार का कहना है कि नहरों की मरम्मत के साथ ही पुलिया निर्माण व सायफन लगाने को लेकर शासन को दस करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है। स्वीकृति व बजट मिलने पर युद्धस्तर पर कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे हजारों किसानों के साथ आमजन को भी सहूलियत मिलेगी।