डेहरास छतौनी गांव में संचालित सरस्वती पुस्तकालय में अध्ययन करते लोग। - संवाद
बेलसर। डेहरास के छतौनी गांव में निशुल्क रूप से संचालित ‘सरस्वती पुस्तकालय’ ग्रामीण युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। यह पुस्तकालय 10 वर्ष से ज्ञान की रोशनी बिखेर रहा है। कृषि विभाग में राज्य सलाहकार के पद पर तैनात स्थानीय निवासी डॉ. शिवेंद्र सिंह ने इसकी स्थापना की थी। लखनऊ में तैनाती के बावजूद गांव से जुड़ाव के बीच उनकी यह पहल विशेष रूप से गरीब युवाओं के लिए काफी उपयोगी है।
डॉ. शिवेंद्र ने बताया कि छात्र जीवन में उन्होंने किताबों का अभाव करीब से देखा था। इसी सोच के साथ कमजोर वर्ग के बच्चों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए इसकी शुरुआत की गई। यहां छात्र-छात्राओं के लिए प्रतियोगी व शैक्षणिक पुस्तकें निशुल्क उपलब्ध हैं। बुजुर्ग भी खाली समय में ज्ञानवर्धक पुस्तकों का लाभ उठाते हैं। यहां शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली और आधुनिक शौचालय की सुविधा है।
ऑनलाइन पढ़ाई की ओर बढ़ते रुझान के कारण अब इसे डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने की योजना है। ग्रामीण अमित सिंह, त्रिजुगी नारायण सिंह और अलोकेश्वर आदि ने बताया कि यह पुस्तकालय दूरदराज के युवाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है।