गोंडा। कोरोना वायरस का संक्रमण बीते अप्रैल महीने में गोंडा में पहुंचा था। पहला मरीज रूपईडीह ब्लॉक के बिछुड़ी गांव में पाया गया था। तब से लेकर अब तक जिले में 3284 लोग कोरोना संक्रमित पाये जा चुके हैं। इनमें से अब मौजूदा समय में 456 लोग कोरोना एक्टिव हैं। बताया जा रहा है कि नये आदेशों के मुताबिक कोरोना संक्रमित को अगर कोई तकलीफ नहीं है तो उसे होम आइसोलेशन में रखना होता है। अब तक पिछले 6 महीने में 81 हजार 600 लोगों की सैंपलिंग कराई जा चुकी है। बुधवार को आई रिपोर्ट में 32 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं।
बुधवार को आई रिपोर्ट में शहर और शहर से सटे इलाकों में सबसे अधिक कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। गायत्रीपुरम मोहल्ले में 3 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। शुरूआती दौर में कोरोना संक्रमितों को अस्पताल मे भर्ती किया जाता था। अब जिनको कोई परेशानी नहीं है, उन्हें घरों में ही होम आइसोलेट किया जा रहा है। अब तक जिले में 1738 लोग होम आइसोलेशन में रहकर ही कोरोना को मात दे चुके हैं। अभी भी जिले में 407 लोग होम आइसोलेशन में रखे गये हैं। अव्यवस्था के चलते लोगों को अस्पताल के अधिक घरों में ही आइसोलट होना पसंद है। सीएमओ डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि जो भी लोग कोरोना से संक्रमित पाये जाते हैं उन्हें उनकी सुविधा के अनुसार भर्ती कराया जाता है।
अस्पताल से अधिक होम आइसोलेशन से रिजल्ट
कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के आंकड़े पर गौर करें तो किसी भी अस्पताल में अपना इलाज कराने से बेहतर लोग होम आइसोलेशन में ही रहना चाह रहे हैं। कुल 2820 लोग कोरोना को अब तक मात दे चुके हैं। बता दें कि अब तक कुल 1082 लोग अस्पताल में तो 1738 लोग होम आइसोलेशन में कोरोना को मात दे चुके हैं। इससे साफ जाहिर है अस्पताल से अच्छा परिणाम होम आइसोलेशन का मिल रहा है।