गोंडा। जनसुनवाई, समाधान पोर्टल के माध्यम से प्रदेश स्तर पर हुई समीक्षा के बाद जिला प्रशासन ने लापरवाही पर कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम नेहा शर्मा ने मूल्यांकन रिपोर्ट में डिफाल्टर होने वाले व फीडबैक में असंतोषजनक स्थिति मिलने वाले चारों तहसीलों के एसडीएम सहित 89 अफसरों के वेतन पर रोक लगा दी है।
मूल्यांकन रिपोर्ट में कई खामियां पाई गई हैं। कहीं पर बिना आवेदक से संपर्क किए ही रिपोर्ट लगा दी गई तो कहीं पर नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया। इस पर तरबगंज, गोंडा सदर, मनकापुर व करनैलगंज के एसडीएम व तहसीलदार, जिला कृषि अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, बीएसए, डायट प्राचार्य, डीआईओएस, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, जिला पंचायतीराज अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप निदेशक कृषि, एलडीएम, इटियाथोक, झंझरी, बभनजोत, बेलसर, नवाबगंज के बीईओ, छपिया, बभनजोत, हलधरमऊ, पंडरीकृपाल, मनकापुर, तरबगंज, वजीरगंज, झंझरी, रुपईडीह, नवाबगंज, इटियाथोक, करनैलगंज, मुजेहना, परसपुर के बीडीओ, आठ प्रभारी चिकित्साधिकारी सहित कुल 89 अफसरों का मई माह का वेतन रोकते हुए जनसुनवाई में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है।