गोंडा। शाम करीब चार बजे सीएमओ दफ्तर से फोन जाता है कि आपको कल शाम तीन बजे कार्यालय पर सहायक नर्स मिडवायफ (एएनएम) का नियुक्ति-पत्र दिया जाएगा। सूचना मिलते ही यूपी एसएसएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर सात माह से इंतजार कर रहे युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई।
मंगलवार की सुबह आठ बजे सीएमओ ऑफिस से दूसरी फोन कॉल जाती है कि नियुक्ति-पत्र वितरण पर रोक लग गई है। अग्रिम आदेशों तक आपको नहीं आना है। इतना सुनते ही एएनएम अभ्यार्थियों के आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद जिले में 172 महिलाओं को बतौर एएनएम नियुक्ति-पत्र दिया जाना था।
छह अगस्त को आयोग ने अंतिम परिणाम जारी किया था। इसके बाद नियुक्ति का मामला कोर्ट पहुंच गया। जनवरी में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सरकार को राहत देते हुए एएनएम की नियुक्ति पर एकल पीठ की ओर से लगाया रोक समाप्त कर दी । सीएमओ कार्यालय पर इन अभ्यार्थियों को 21 फरवरी की शाम तीन बजे से नियुक्ति-पत्र दिया जाना था, लेकिन एन वक्त पर रोक लगा दी गई। बताया जा रहा है कि ये रोक भी कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने लगाई है।
पिता की मौत के बाद नौकरी से ही उम्मीद
वजीरगंज के भषमपुर भरहापारा निवासी मुस्कान सिंह नियुक्ति पत्र न मिलने के सवाल पर फफक पड़ी। बताया कि कल शाम फोन आया था कि मंगलवार को तीन बजे से नियुक्ति-पत्र मिलेगा। रुंधे कले से बताया कि बीते वर्ष पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधे पर आ गई है। एएनएम में चयनित होने के बाद नौकरी से भरण-पोषण की उम्मीद जगी थी, लेकिन रोक लगने के बाद उम्मीदों पर पानी फिर गया।
युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़
पड़री कृपाल के तारी परसोहिया निवासी प्रियंका पांडेय ने बताया कि पढ़े लिखे युवाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है। घर-परिवार से बाहर रहकर तैयारी की। यूपीएसएसएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने बावजूद नियुक्ति-पत्र के लिए सात महीनों का इंतजार करना पड़ा। अब नियुक्ति-पत्र मिलने का समय आया तो एक और पेंच फंसा दिया गया। नियुक्ति-पत्र न मिलने की सूचना मिलते ही आंखों में आंसू आ गए।
दूसरी बार फोन आया तो आंखों में आ गए आंसू
बभनजोत के बभनी खुर्द अर्चना मिश्रा ने बताया कि कल शाम को जब नियुक्ति पत्र मिलने का फोन आया था। पूरा परिवार खुश हो गया था। लेकिन सुबह जब रोक लगने की सूचना देने के लिए सीएमओ कार्यालय से फोन आया तो आंखों में आंसू आ गए। सुबह पूजा-पाठ करके नियुक्ति पत्र लेने जाना था लेकिन एन वक्त पर पूजा का कार्यक्रम में निरस्त करना पड़ा।
अगले आदेश के बाद वितरित किया जाएगा - सरकार की ओर से नियुक्ति-पत्र देने का फरमान मिला था। चयनित अभ्यार्थियों को फोन करके बुलाया गया था, लेकिन कोर्ट के निर्देश पर सरकार ने नियुक्ति-पत्र देने पर रोक लगा दिया। अगले आदेश के बाद नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा।
- डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ
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