गोंडा। रुपाली तिवारी की मेहनत और लगन ने उन्हें यूपी लोक सेवा आयोग की न्यायिक सेवा सिविल जज जूनियर डिवीजन परीक्षा 2022 में 143वें रैंक तक पहुंचाया। रुपाली ने ट्यूशन पढ़ाकर खुद की कोचिंग की फीस जुटा कर पढ़ाई का खर्च निकालते हुए अपने पहले ही प्रयास में सफलता का परचम भी लहराया।
सदर तहसील क्षेत्र के कंचनपुर फरेंदा शुक्ल निवासी रुपाली तिवारी ने सिविल जज बनकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन तक माता पिता का सपना भी पूरा किया है। वर्तमान में रुपाली का परिवार लखनऊ के मड़ियांव इलाके में रह रहा है। रुपाली ने प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के बीएन इंटर काॅलेज से प्राप्त की और फिर उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय लखनऊ से एलएलबी आनर्स की परीक्षा उत्तीर्ण कर राज्यपाल से गोल्ड मेडल भी हासिल किया।
इसके बाद उन्होंने लखनऊ में पीसीएस-जे की तैयारी शुरू की। रुपाली ने बताया कि वर्ष 2017 में पिता कमलेश तिवारी के निधन के बाद उन्होंने ट्यूशन पढ़ाकर अपनी कोचिंग के लिए फीस के पैसे जुटाए। इस दौरान माता शांति तिवारी, छोटी बहन सोनाली व भाई दीपांशु तिवारी ने हमेशा उन्हें हिम्मत दिलाते हुए परीक्षा में सफलता पाने का जुनून कायम बनाए रखा।
रुपाली की इस सफलता पर उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है। कटरा बाजार के विधायक बावन सिंह, ग्राम प्रधान अन्नू देवी शुक्ल, कृपाराम तिवारी, यशोदा नंदन त्रिपाठी, विश्वनाथ तिवारी समेत तमाम ग्रामवासियों ने हर्ष जताते हुए बधाई दी है।