20 जनवरी से 18 फरवरी तक पहले चरण में आवेदन लिए गए हैं। इसमें हलधरमऊ, परसपुर, नवाबगंज और कटरा बाजार समेत ब्लॉकों से आवेदन आए हैं। अधिकारियों ने बताया कि निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश दिलाने के लिए बीईओ स्तर से जरूरी सत्यापन प्रक्रिया शुरू की गई है। एक लाख रुपये से कम आय वर्ष के परिवारों के बच्चों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों की 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश दिलाया जाना है। जहां बच्चाें को नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी।
सरकार की ओर से बैग, ड्रेस के अलावा विद्यालयों के फीस भुगतान किया जाता रहा है। कुल मिलाकर जिलेभर से आवेदन आए हैं। सबसे ज्यादा 158 आवेदन परसपुर ब्लॉक से मिले हैं। दूसरे नंबर पर कुल 121 आवेदन नगर पालिका गोंडा से आए हैं। झंझरी समेत अन्य ब्लॉकों से भी आवेदन मिले हैं। विभागीय जानकारों का कहना है कि पहले चरण में स्कूलों के सापेक्ष भी बेहद कम आवेदन मिले हैं। दूसरे चरण में 30 मार्च तक आवेदन लिए जाएंगे।
आकांक्षी ब्लॉकों में आवेदन की स्थिति ठीक नहीं
जिले में रुपईडीह, पंड़रीकृपाल और बभनजोत आकांक्षी ब्लॉकों में शामिल है, जहां आरटीई के तहत बेहद कम आवेदन आए हैं। रुपईडीह से एक, पड़री कृपाल से दो और बभनजोत से कोई भी आवेदन नहीं मिला है। यह हालात जब है जब शिक्षा और स्वास्थ्य समेत अलग-अलग मापदंडों के यह ब्लॉक पिछड़े हुए हैं। वहीं सरकार की ओर से योजनाओं का लाभ देने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि आरटीई के तहत गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में पढ़ाई को लेकर अफसर उदासीनता बरत रहे हैं।
दूसरे चरण में आकांक्षी ब्लॉकों पर फोकस
बीएसए प्रेमचंद्र यादव के अनुसार पहले चरण की आवेदन प्रक्रिया पूरी हो गई है। दूसरे चरण में आवेदन प्रक्रिया एक मार्च से शुरू होगी। वहीं जल्द ही पहली लॉटरी निकाली जाएगी। जिसके बाद आरटीई के तहत प्रवेश दिलाया जाएगा।