गोंडा। रेलवे सुरक्षा बल ने एएनएमएस साफ्टवेयर का अवैध इस्तेमाल कर ई-टिकट के जरिए करोड़ों के आरक्षित टिकटों के अवैध कारोबार के बहुचर्चित केस में दो साल आठ माह बाद रेलवे एक्ट 143 के तहत अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। 2,852 पेज की चार्जशीट में रेलवे वाणिज्य अधीक्षक समेत 12 आरोपियों के खिलाफ 79 गवाहों ने गवाही दी है। बता दें कि जालसाज साफ्टवेयर में हैक कर कुछ सेकेंड में ही कंफर्म टिकट निकाल लेते थे, और यात्रियों से मनमानी कीमत वसूलते थे।
वेबसाइट से एक साथ कई ई टिकट
7 दिसंबर 2019 को बस्ती के हरैया थानाध्यक्ष मृत्युंजय पाठक और आरपीएफ गोंडा के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने रेलवे के आरक्षित टिकटों का साफ्टवेयर और आरक्षित ई-टिकट बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों अभय प्रताप सिंह व रेहान सिद्दीकी को हरैया बस स्टाप से पकड़ा था। पूछताछ में दोनों ने बताया था कि मैजिक स्टोर डॉटकाम वेबसाइट के जरिए एएनएमएस साफ्टवेयर उन्हें मो. महमूद उपलब्ध कराता था। अभय के लैपटॉप व मोबाइल से 70 टिकट व स्क्रीनशॉट प्रिटिंग 160 पन्ना व रेहान के लैपटाप से चार टिकट व तीन स्क्रीनशॉट प्रिंटआउट निकालकर दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर आरपीएफ के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार के बाद नरेंद्र पाल सिंह ने गहन जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। (संवाद)
जांच में इनके खिलाफ मिले साक्ष्य
जांच में अभय प्रताप सिंह निवासी जेल रोड गोंडा व रेहान सिद्दीकी निवासी नेवादा, सदुल्लाहनगर, बलरामपुर, मो. महमूद निवासी मोथा जिला अरवल बिहार, मनोज महतो निवासी सीतामढ़ी बिहार, अमित गुप्ता निवासी मझवाड़ा थाना घोसी जिला मऊ, अब्दुल रहमान निवासी नरदा सराय मऊ, नंदन गुप्ता निवासी इंदारा मऊ, अखिलेश कुमार अंबेडकरनगर मौजूूदा पता वाणिज्य अधीक्षक इंदारा, घनश्याम हृदय नारायण दूबे निवासी 7 मनकारवड़ी न्यू प्रभा देवी रोड मुंबई, हामिद अशरफ निवासी रमवापुर कप्तानगंज, बस्ती, योगेंद्र विश्वकर्मा निवासी गल्लामंडी ज्ञानपुर भदोही व ताबिश उर्फ राशिद निवासी बंजारेपुर केराकत जौनपुर के नाम प्रकाश में आए, और सभी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले। (संवाद)
अवैध साफ्टवेयर के माध्यम से रेलवे के ई-टिकटों के काले कारोबार की जांच में एक दर्जन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य के आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इसमें वाणिज्य अधीक्षक पद पर तैनात रेलवे विभाग का एक कर्मचारी भी है।
नरेंद्र पाल सिंह, पोस्ट कमांडर आरपीएफ गोंडा।