गोंडा के रुपईडीह ब्लाक क्षेत्र में गिरा स्कूल भवन।
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रूपईडीह (गोंडा)। कंपोजिट विद्यालय पिपरा चौबे के प्रांगण में बना एनपीजीएल कक्ष का पूरा भवन गुरुवार को देर सांय भरभरा कर गिर गया। भगवान का लाख-लाख शुक्र है कि दिन में नहीं गिरा अन्यथा शिक्षक चपेट में आ सकते थे।
शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह के प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा चौबे के बीच में बना ये एनपीजीएल कक्ष जबसे बना तभी से इसका सदुपयोग नहीं किया गया और इसके अंदर सिर्फ कबाड़ ही भरा था। इसका भवन विगत तीन-चार वर्ष से जर्जर था और एक दीवार ऊपर से छत छोड़ चुकी थी और आए दिन एक-दो ईंट बराबर गिरती रहती थी, जबकि इसी के किनारे से बच्चे अध्यापक तथा ग्रामीण भी आते-जाते रहते थे। अभी पिछले वर्ष ये विद्यालय कंपोजिट विद्यालय में आ गया। इसमें चहारदीवारी भी नहीं बनी है। जबकि विद्यालय के सामने ही सड़क के किनारे बहुत गहरा गड्ढा पूरे विद्यालय से सटा है। जो आज पूरी तरह नदी जैसा माहौल है। इस विद्यालय में 151 छात्र/छात्राएं नामांकित हैं। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका आशा मिश्रा का कहना है कि विगत दो वर्ष से वह एनपीआरसी से लेकर बीएसए को एनपीजीएल कक्ष के गिरने की संभावना को लेकर कई पत्र दे चुकीं है। लेकिन विभाग की किसी जिम्मेदार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिसका नतीजा ये रहा कि गुरुवार को एक बजे विद्यालय को बंद करके शिक्षक/शिक्षिकाएं अपने घर चले गए। देर सायं यह भवन भरभराकर गिर गया।
भवन जर्जर होने को लेकर कई बार भेजा पत्र
ग्राम प्रधान विद्या प्रकाश चतुर्वेदी का कहना है कि भवन के जर्जर होने और कभी भी उसके गिरने की संभावना के मद्देनजर का पत्र कई बार ब्लॉक संसाधन केंद्र पर देते रहे लेकिन विभाग के किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अगर दिन में यह भवन गिरता तो बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी।
नहीं थी जानकारी
खंड शिक्षाधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह का कहना है कि विद्यालय भवन जर्जर होने की जानकारी उन्हें नहीं थी। उसकी जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।