बिना कारण बताए ही निलंबन की सूचना पाकर शनिवार को बलरामपुर डिपो के रोडवेज कर्मी भड़क गए। कर्मियों ने निलंबन के विरोध में चक्काजाम कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने निलंबन आदेश स्थगित कर दिया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद बसों का संचालन सामान्य हुआ।
रोडवेज इंप्लाइज यूनियन बलरामपुर डिपो शाखा अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने शनिवार सुबह बताया कि विगत 15 जून 2015 को मुख्यालय से ऑडिट टीम आई थी।
टीम ने बिना परिचय दिए बलरामपुर डिपो के चेकिंग कक्ष में टिकट वाइज चेकिंग शुरू कर दी। स्थानीय कर्मियों ने बिना सूचना चेकिंग की इजाजत नहीं दी। कर्मचारियों के विरोध के चलते ऑडिट टीम वापस चली गई।
प्रकरण में एसएसआई शेष नरायन सचान को ऑडिट टीम की शिकायत पर निलंबित कर दिया गया था। शनिवार को इसी प्रकरण में इंप्लाइज यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष आरके दूबे तथा शाखा अध्यक्ष व परिचालक राजेश कुमार सिंह के भी निलंबन की सूचना मिलते ही कर्मी भड़क गए।
कर्मियों का कहना था कि बिना कारण बताए ही राजेश का निलंबन अनुचित है। इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर बसों का संचालन ठप कर दिया गया।
कर्मचारी करीब दो घंटे तक राजेश व अन्य निलंबित कर्मियों के बहाली की मांग पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ती देख अफसरों ने राजेश का निलंबन आदेश ये कहकर स्थगित कर दिया कि प्रकरण अब परिवहन निगम के प्रबंधक निदेशक के पास निस्तारित होगा।
निलंबन वापस होने पर कर्मियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। इस दौरान सुग्रीव मौर्या, अब्दुल सत्तार, माजिद अली, अरुण सिंह, श्रीप्रकाश शुक्ल, राजमंगल आदि कर्मी मौजूद रहे।