जिले में करोड़ों खर्च के बाद भी सड़कें बदहाल हैं। जिले की सात में से छह विधानसभाओं पर सपा का कब्जा होने के बावजूद यहां राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर जिला मुख्य मार्ग व ग्रामीण मार्ग सहित जिला पंचायत, नगर पालिका और वन विभाग तक की सड़कों की स्थिति खस्ताहाल है।
जिले में सड़कों का ग्राफ तीन हजार किलोमीटर में फैला है, लेकिन चलने लायक सड़क एक हजार किलोमीटर भी ठीक नहीं है। अगर लोगों को आर्यनगर से पृथ्वीनाथ या करनैलगंज से हुजूपुर, या फिर गोंडा से बभनान, गौराचौकी, मसकनवा जाना हो तो जगह-जगह गड्ढे होने के कारण 15 किलोमीटर से ज्यादा की रफ्तार से नहीं चल सकते।
विधायक ने की थी धान की रोपाई
पीएमजीएसवाई के तहत जिले में बन रही महराजगंज से कौड़िय़ा बाजार की सड़क का काम बीते तीन वर्षों से रुका है। यह वही सड़क है जिस पर 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा विधायक बाबन सिंह ने धान की रोपाई की थी। इस सड़क के लिए 65 करोड़ रुपये भारत सरकार से पास हुआ, लेकिन कितना काम हुआ, यह तो इस सड़क पर चलने से पता चल जाता है। दर्शन की अभिलाषा के बावजूद लोग इस सड़क से होकर महादेव को जल चढ़ाने के लिए पृथ्वीनाथ मंदिर तक नहीं जा पाते।
रोडवेज प्रशासन भी परेशान
जिले में सड़कों का जो हाल है, उससे आम जनता ही नहीं बल्कि रोडवेज प्रशासन भी परेशान है। गोंडा से इटियाथोक होते हुए अगर रोडवेज बस चालक को बलरामपुर जाना होता है तो वह इसके लिए 10 बार सोचता है। रोडवेज के एआरएम केएन भारती की मानें तो गोंडा की सड़कें इस कदर खराब हैं कि यहां अगर छोटे-छोटे रूटों पर भी बस चला दी जाए तो डीजल का पैसा तक निकाल पाना मुश्किल हो जाएगा।
नोडल अधिकारी पीडब्ल्यूडी धन सिंह ने बताया कि जिले में सड़कों की पहले जो स्थिति थी, उसमें कुछ सुधार हुआ है। जो भी सड़कें निर्माणाधीन हैं, उनका काम समयबद्ध तरीके से पूरा कराए जाने का प्रयास चल रहा है। इटियाथोक में सीसी रोड बनाने के लिए कहा गया है। पीएमजीएसवाई की सड़क का काम आरईएस करा रहा है। इसलिए आर्यनगर से महराजगंज जाने वाली सड़क के बारे में वह कुछ नहीं बता सकते।