तरबगंज (गोंडा)। सरांवा गांव की रहने वाली एक महिला के घर के सामने आबादी की भूमि पर बने रास्ते को गांव के कुछ लोगों ने जबरन बंद कर दिया। महिला को घर से दूसरे के दरवाजे से होकर निकलना पड़ता है। पीड़ित महिला ने इसके लिए कई बार अधिकारियों से शिकायत की, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला ने पांच दिन पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई। डिप्टी सीएम के आदेश पर बीते मंगलवार को प्रशासनिक अमला गांव में पहुंचा और बंद रास्ते को खुलवाने का प्रयास किया। मगर प्रशासनिक अधिकारी मामले का हल नहीं निकाल सके।
विकासखंड तरबगंज के सरांवा गांव की रहने वाली मीरा तिवारी के मुताबिक घर से निकलने का एक मात्र रास्ता है। गांव के कुछ लोगों ने बंद कर दिया था। 9 सितंबर को लखनऊ जाकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मिलकर व्यथा सुनाई। डिप्टी सीएम के आदेश के बाद मंगलवार को एसडीएम तरबगंज शत्रोहन पाठक, सीओ तरबगंज संसार सिंह राठी व प्रभारी निरीक्षक मनोज पाठक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। एसडीएम शत्रोहन पाठक ने बताया कि रास्ते के विवाद का हल कराने का प्रयास किया जा रहा है। (संवाद)