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खतरे के निशान के पास पहुंचीं नदियां

Mon, 04 Jul 2016 11:31 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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कटान करती नदी - फोटो : अमर उजाला
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मानसून की आहट से जिले की दो प्रमुख नदियों घाघरा व सरयू का जलस्तर भी धीरे-धीरे खतरे के निशान के नजदीक पहुंचने लगा है। हालत यह है कि एल्गिन-चरसड़ी ब्रिज पर घाघरा का पानी खतरे के निशान से महज 30 सेमी दूर रह गया है। जबकि अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से केवल एक मीटर ही दूर है।
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वहीं, करनैलगंज व नवाबगंज इलाके में दोनों नदियां अब तक करीब 600 एकड़ जमीन का कटान कर चुकी हैं। इसके अलावा नवाबगंज के जैतपुर माझा में रविवार की रात एक छप्पर का घर भी सरयू नदी में बह गया। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के लोगों में दहशत है। 

घाघरा से करनैलगंज तो सरयू नदी से हर साल प्रभावित होने वाले नवाबगंज इलाके में इस बार भी नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि अभी तो यह शुरुआत है, लेकिन जिस तरह से पहाड़ों पर बारिश हो रही है, उससे आगे आने वाले दिनों में दोनों नदियों के जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी इलाकाई लोगों के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकती है।
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बीते दिनों बनबसा बैराज से दो बार में छोड़े गए करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी से घाघरा व सरयू नदी अपने पूरे उफान पर बह रही हैं। एल्गिन-चरसड़ी ब्रिज पर नदी का पानी खतरे के निशान 106.07 से महज 30 सेमी नीचे 105.756 मीटर पर बह रहा है। जबकि अयोध्या में सरयू नदी खतरे के निशान 92.73 मीटर से 98 सेमी नीचे 91.75 मीटर पर बह रहा है। 

करनैलगंज इलाके में घाघरा नदी अब तक करीब ढाई सौ एकड़ जमीन को काट चुकी है। जबकि नवाबगंज में जैतपुर माझा गांव के पास लगी कटान से अब तक करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन सरयू नदी में विलीन हो चुकी है। वहीं, जैतपुर माझा के गंगूपुरवा गांव में रविवार की रात गांव निवासी साधू के छप्पर का एक घर भी नदी में समा गया।

करनैलगंज में रायपुर, परसावल, नैपुरा के साथ ही बंधे से बमबमपुरवा, काशीपुर और प्रतापपुर गांव के लोग नदी के बढ़ते जलस्तर से डरे हुए हैं। जबकि नवाबगंज में जैतपुर माझा के साथ ही माझा राठ, दुर्गागंज, तुलसीपुर माझा व साखीपुर गांव की ओर नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। इसमें से जैतपुर माझा गांव के लोगों के खेतों को नदी काटकर अपने में मिलाती जा रही है। 
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