फोटो-15-गोंडा के करनैलगंज में घाघरा नदी पर बना बांध। -संवाद
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करनैलगंज (गोंडा)। सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर लगातार घटने-बढ़ने का क्रम जारी है। घटते बढ़ते सरयू के जलस्तर से कृषि योग्य खाली पड़ी जमीनों में हो रही कटान तेज होती जा रही है।
दो दिनों में करीब छह किलोमीटर की लंबाई में सरयू नदी ने करीब 800 बीघे से अधिक भूमि काटकर नदी में समाहित कर लिया है। दो दिनों से सरयू में डिस्चार्ज लगातार घट बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 25 सेंटीमीटर नीचे बना हुआ है। जलस्तर स्थिर होने या घटने की स्थिति में कटान तेजी से करती है। जिससे बांध के किनारे खेती योग्य जमीन लगातार कटती जा रही है। ग्राम परसावल, बेहटा, पारा मांझा, काशीपुर माझा, रायपुर मांझा, नैपूरा, बांसगांव, चंदापुर किटौली के सामने नदी की धारा तेजी से बह रही है और इन गांव के सामने नदी खाली पड़ी जमीनों को काटकर बांध के किनारे आने के लिए बेताब है।
गुरुवार को सरयू नदी में डिस्चार्ज (पानी छोड़ा गया) दो लाख 70 हजार क्यूसेक रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 105.796 पर सरयू का जलस्तर बना हुआ है। किसी बैराज से अभी पानी छोड़े जाने की सूचना से बाढ़ खंड के अधिकारी इंकार कर रहे हैं। सहायक अभियंता अमरेश सिंह का कहना है कि नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव बना हुआ है। जलस्तर खतरे के निशान से अभी नीचे है। बांध को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। रेन कट को दुरुस्त किया जा रहा है।