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Gonda News: सरयू का जलस्तर बढ़ाने लगा धुकधुकी

Tue, 14 Jul 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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करनैलगंज में सरयू नदी की कटान रोकने के लिए प्रयास करते श्रमिक।
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करनैलगंज। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान से महज 97 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कई गांवों में नदी उपजाऊ कृषि भूमि को तेजी से अपने आगोश में ले रही है। इससे लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है।
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बाढ़ खंड के अनुसार सोमवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 105.100 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.070 मीटर है। एक दिन पहले यह स्तर 105.000 मीटर था। यानी 24 घंटे में जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। राहत की बात यह है कि नदी का कुल डिस्चार्ज घटकर 75,942 क्यूसेक रह गया है, जो एक दिन पहले 89,343 क्यूसेक था। अधिकारियों का मानना है कि डिस्चार्ज कम होने से बाढ़ का दबाव कुछ कम हुआ है, लेकिन बढ़ता जलस्तर अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।

ग्राम बहुवन मदार मांझा, मांझा रायपुर, परसावल, बेहटा, पारा, नैपुरा और कमियार के सामने नदी कटान कर रही है। ग्रामीण जयराम यादव, सुरेश कुमार, नंदलाल यादव, सूबेदार, प्रतिपाल यादव, बाबूलाल और रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि कटान से धान, परवल, मक्का और गन्ने की कई बीघा खड़ी फसल नदी में समा चुकी है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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कटान से सबसे अधिक प्रभावित बहुवन मदार मांझा क्षेत्र में बाढ़ खंड ने सुरक्षा कार्य तेज कर दिया है। नदी के किनारे बांस के क्रेट लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग की टीमें संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता जय सिंह ने बताया कि नदी का डिस्चार्ज लगातार घट रहा है, लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। कटान प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।
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