गोंडा। चीन में बने मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा लेपित डोरी की बिक्री पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को राज्य कर विभाग ने व्यापारियों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रतिबंधित मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं और पर्यावरणीय क्षति पर चिंता जताते हुए व्यापारियों से इसकी बिक्री पूरी तरह बंद करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। व्यापारियों ने भी प्रतिबंधित मांझे का कारोबार नहीं करने का संकल्प लिया।
राज्य कर भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता राज्य कर उपायुक्त हरि सहाय सिंह ने की। उन्होंने कहा कि चीन में बने मांझे और सिंथेटिक मांझे के प्रयोग से हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग हादसों का शिकार होते हैं। दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और बच्चों की जान जोखिम में पड़ती है। इसके अलावा मांझा पक्षियों के लिए भी घातक साबित होता है और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद यदि ऐसे मांझे की बिक्री होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपायुक्त महेंद्र प्रताप सिंह यादव, उपायुक्त केके तिवारी, सहायक आयुक्त महेंद्र प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त अनिल त्रिपाठी तथा सहायक आयुक्त अभिषेक त्रिपाठी ने भी प्रतिबंधित मांझे से होने वाले खतरों की जानकारी दी और व्यापारियों से नियमों का पालन करने की अपील की।
बैठक में नवाबगंज उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष डीएस सचदेवा, महामंत्री रघुवीर प्रसाद गुप्ता, उपाध्यक्ष बिहारी लाल पांडेय, वजीरगंज व्यापार मंडल के महामंत्री अशोक कुमार गुप्ता, अमीर खान, मोहम्मद शाहिद, अधिवक्ता लक्ष्मीकांत श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।