गोंडा। एसपी अभिषेक ने उपनिरीक्षकों की तैनाती में बड़ा फेरबदल किया है। पुलिस लाइन के 31 दरोगाओं को नई तैनाती दी है। इसमें रिश्वत लेने के आरोप में अक्तूबर 2025 में निलंबित (अब बहाल) उपनिरीक्षक उत्कर्ष पांडेय को अपना पीआरओ नियुक्त किया है। हालांकि दरोगा पर लगे आरोपों की जांच अभी चल रही है।
एसपी ने पुलिस लाइन से उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह को एसएसआई देहात कोतवाली, दुर्गा प्रसाद पांडेय को एसएसआई करनैलगंज कोतवाली, श्रीराम विश्वकर्मा को एसएसआई खोड़ारे, चंद्रभान यादव को एसएसआई छपिया, सुरेंद्र बहादुर सिंह प्रभारी डीसीआरबी व जयप्रकाश सिंह यादव को प्रभारी आयोग सेल नियुक्त किया है। पुलिस लाइन से ही उपनिरीक्षक दीपचंद सोनकर को नगर कोतवाली, देवेंद्र सिंह यादव और राजेश कुमार सिंह को खरगूपुर, प्रदुम्मन कुमार मिश्र को धानेपुर, शशिकांत यादव और राजेश कुमार राय को इटियाथोक, रवींद्र तिवारी और रामानंद यादव को मोतीगंज, अरविंद कुमार सिंह को मनकापुर, अरुण कुमार सिंह को खोड़ारे, धानीराम यादव और शिवकृपा शुक्ल को तरबगंज, तारकेश्वर प्रसाद और राम अवतार यादव वजीरगंज, रामजीत यादव और देवेंद्र सिंह यादव को थाना उमरीबेगमगंज में तैनाती दी है।
रामदरश यादव, गुलाबचंद और आत्मानंद सिंह को परसपुर, अरविंद कुमार और इफ्तेखार हुसैन थाना कटरा बाजार, योगेंद्र यादव, सलाउद्दीन खान और रमाशंकर पासवान काैड़िया थाने में तैनाती दी है। एएसपी (पूर्वी) अजीत कुमार रजक ने बताया कि आरोपी दरोगा उत्कर्ष पांडेय पांच माह पूर्व बहाल किए जा चुके हैं। आरोपों की जांच चल रही है।
ये था मामला
करनैलगंज क्षेत्र के नकहा गांव निवासी भारतीय सेना में तैनात जवान विनीत पांडेय ने अपने पिता पर हमला करने के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। सेना के जवान ने तत्कालीन चौकी प्रभारी उत्कर्ष पांडेय पर डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन एसपी विनीत जायसवाल से अक्तूबर 2025 में शिकायत की थी। इसके बाद उत्कर्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया था। बाद में एएसपी (पश्चिमी) की जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्कर्ष को निलंबित कर दिया गया था।