गोंडा। निकाय पर हाईकोर्ट के फैसले से एक बार फिर आरक्षण पर सियासत गर्म हो गई है। वैैसे तो जिले में सिर्फ बेलसर नगर पंचायत ही ओबीसी के लिए आरक्षित थी, अब नए फैसले से क्या असर होगा, इस पर लोगों की निगाहें शासन के फैसले पर टिकी है। लोगों का कहना है कि शासन के रुख से चुनाव टलता दिख रहा है।
जिले की सदर तहसील के गोंडा नगर पालिका परिषद में 27 वार्ड हैं। खरगूपुर नगर पंचायत में 10 वार्ड हैं। यहां चक्रानुक्रम आरक्षण हुआ था। धानेपुर नई नगर पंचायत बनी है। इसमें 15 वार्ड तय किए गए हैं। यहां नए सिरे से आरक्षण तय किए गए थे। करनैलगंज नगर पालिका परिषद व कटरा बाजार में परिसीमन हुआ है और इसमें भी कई गांवों को शामिल किया गया है। नवाबगंज नगर पालिका परिषद में चक्रानुक्रम आरक्षण की व्यवस्था अपनाई गई थी।
बेलसर, तरबगंज दो नए नगर निकायों का गठन हुआ था। इनमें नई आरक्षण व्यवस्था लागू की गई थी। मनकापुर में चक्रानुक्रम व्यवस्था लागू हुई थी।
10 नगर निकाय में 173 वार्डों के आरक्षण तय हुआ था। इसके अलावा निकायों में सिर्फ एक सीट ओबीसी के लिए आरक्षित थी। आरक्षण में हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी हुआ तो वार्डों के आरक्षण में फेरबदल होना तय माना जा रहा है। शासन ने फैसले के विरोध में अपील की तो चुनाव टलना तय है। इससे लोग सकते में हैं, चुनाव टलने पर दावेदारों की परेशानी बढ़ेगी।
चुनाव होगा कि नहीं, इसे लेकर चर्चा करते रहे लोग
निकाय चुनाव की सारी तैयारी पूरी हो गई थी। दावेदारों ने धूम मचाना शुरू कर दिया था। अचानक हाईकोर्ट के फैसले से सभी सकते में आ गए हैं। चुनाव समय से होगा की नहीं, इसे लेकर खासी चर्चा रही।
पोर्टरगंज में एक दुकान पर मौजूद लोग कयास लगा रहे थे। गुड्डू दूबे ने कहा कि सरकार इतनी आसानी से हार नहीं मानेगी। लड़ेगी जरूर और चुनाव में समय लगना तय है। हां में हां मिलाते हुए सत्य भूषण शुक्ल भी मुस्कुराए, देखों क्या होता है। अब तो दावेदारों की दौड़ बढ़ गई है। रुद्र प्रकाश तिवारी व बड़कऊ दूबे ने अनुमान लगाने लगे कि, अब चुनाव एक महीने टला। अशोक यादव ने कहा कि पिछड़ों को साधने के लिए सरकार कदम उठाएगी। इससे चुनाव में देरी होगी। इस तरह चुनाव टलने की चचाएं होती रहीं।
फैक्ट फाइल
नगरपालिका - तीन
नगर पंचायत - सात
वार्ड - 173
मतदाता - 2.69 लाख
दावेदार
अध्यक्ष पद के लिए - 90
वार्डों के लिए - 700
अभी फैसला आया है, शासन के स्तर से निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अर्पित गुप्ता, नगर मजिस्ट्रेट