मानकों की अनदेखी कर की गई आयुष डॉक्टरों की भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट के राज्य सरकार से जवाब मांगने पर सोमवार को सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने इसकी सूचना निदेशालय व शासन को भेजी है।
उन्होंने बताया कि उन्हें सोमवार को अमर उजाला में सरकार बताए, गोंडा में आयुष डॉक्टरों की भर्ती में योग्यता का मानक क्या था, शीर्षक से प्रकाशित समाचार से इसका पता चला है।
इससे पहले उच्चतम न्यायालय में दाखिल की गई किसी प्रकार की एसएलपी के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। शासन व निदेशालय को भेजे गए अपने पत्र में सीएमओ ने इस संबंध में आगे किसी सूचना के लिए निर्देश मांगे हैं।
सीएमओ ने बताया कि आयुष डॉक्टरों की भर्ती के बारे में जो भी दस्तावेज उनके पास हैं, अगर उसके संबंध में शासन व निदेशालय से कोई सूचना उनसे मांगी जाती है, तो वह उसे जरूर मुहैया कराएंगे।
गौरतलब है जिले में दो चक्रों में आयुष डॉक्टरों की नियुक्तियां हुई हैं। इसमें से एक भर्ती वर्ष 2009-10 की है तो दूसरी वर्ष 2014 की।
इसके तहत मौजूदा समय कुल 22 पुरुष आयुष चिकित्सक और 10 महिला आयुष चिकित्सक जिले में कार्यरत हैं। यही नहीं वर्ष 2012 में इसी की भर्ती को लेकर मौजूदा समय कैबिनेट मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह सुर्खियों में आए थे, जिसके बाद दो वर्षों तक इसकी भर्ती खटाई में पड़ी रही।