गोंडा। जिले में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को सीडीओ एम. अरुन्मोली ने जिम्मेदारों के साथ बैठक की। इस दौरान 45 निजी अस्पतालों की ओर से जन्म-मृत्यु की सूचना न देने का मामला सामने आया।
सीडीओ ने ऐसे अस्पतालों के पंजीकरण रद्द करने के निर्देश दिए। रुपईडीह सीएचसी पर तैनात ब्लाॅक प्रोग्राम मैनेजर के लंबे समय से अनुपस्थित होने की जानकारी मिलने पर सीएमओ व डिस्टि्रक्ट प्रोग्राम मैनेजर (डीपीएम) से जवाब मांगा है।
प्री-डीएचएस के दौरान सीएचसी रुपईडीह में तैनात ब्लाॅक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) सदफ खान के लंबे समय से नदारद रहने का मामला सामने आया। सीडीओ ने कहा कि संबंधित कर्मचारी को हमने कार्यकाल में कभी नहीं देखा। किस आधार पर लंबी छुट्टी दी गई।
हालांकि, इस मामले में सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि बीपीएम एक नवंबर से प्रसूता अवकाश पर हैं। इससे पहले जुलाई 2021 से फरवरी 2022 तक भी बीपीएम अवकाश पर रही हैं। सीडीओ ने संबंधित कर्मचारी के विषय में सीएमओ व डीपीएम से जवाब मांगा।
45 निजी अस्पतालों की ओर से जन्म-मृत्यु की सूचना न देने का मामला सामने आया। सीडीओ ने निर्देश दिया कि एक महीने के भीतर जो अस्पताल सूचना नहीं देंगे। उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट विजय कुमार शर्मा को जन्म मृत्यु पंजीकरण के निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी। सीडीओ ने विभिन्न बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा, डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह, डीपीएम अमरनाथ, अंकित श्रीवास्तव आदि रहे।