गोंडा। देवीपाटन जोन के जिलों में बिजली बिल राहत योजना के तहत अब तक बकाया बिजली बिल का भुगतान न करने वाले 40,450 उपभोक्ताओं को रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी की जा चुकी है। लापरवाही बरतने वाले अवर अभियंताओं की नोटिस की समय सीमा समाप्त के बाद गुण-दोष के अधार पर कार्रवाई की तैयारी है। पहले चरण के सापेक्ष दूसरे चरण में उपभोक्ता घट गए हैं।
विगत चार जनवरी से बिजली बिल राहत योजना के दूसरे चरण के तहत घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को जागरुक करने के दावे किए जा रहे हैं। विद्युत उपकेंद्रों पर बिल जमा करने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को जोन के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती में कुल 18 सौ उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया। देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ का कहना है कि अपेक्षित प्रगति न होने पर कई अवर अभियंताओं व उपभोक्ताओं को चिह्नित किया गया। उपभोक्ताओं को आरसी जारी की जा रही है। तहसील के माध्यम से बकाया बिल की वसूली की जाएगी। इसके साथ ही नियम-10 व कारण बताओ नोटिस का जवाब मिलने के बाद समयसीमा के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
कार्रवाई से बचने के लिए अभी भी मौका
अधिकारियों का कहना है कि अगर संबंधित उपभोक्ता को कार्रवाई से बचना है तो पहले चरण में मिल रही 100 प्रतिशत सरचार्ज और बिजली बिल में 20 प्रतिशत छूट के साथ बिजली बिल जमा कर सकते हैं। दो हजार रुपये जमा करके कोई भी उपभोक्ता पंजीकरण कर सकता है। इसके बाद 30 दिनों में बिल का भुगतान करके लाभ ले सकता है।