परसपुर पीएचसी में मरीजों का इलाज करतीं डॉ. शानू सिंह व उमरिया पीएचसी पर मरीज का इलाज करते डाॅ.
परसपुर/टिकरी। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में रविवार को एमबीबीएस डॉक्टरों की कमी देखने को मिली। परसपुर क्षेत्र के चार पीएचसी में सिर्फ भौरीगंज में ही एमबीबीएस डॉक्टर ने मरीजों का उपचार किया। पूरे तिवारी, त्योरासी और मंगुरा बाजार पीएचसी में आरबीएसके के डॉक्टरों ने ही ओपीडी संभाली। बारिश के कारण मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
भौरीगंज पीएचसी में एमबीबीएस डॉ. मुकेश गुप्ता ने सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और फंगल इंफेक्शन समेत सात मरीजों का उपचार किया। बारिश के चलते पीएचसी की छत टपकने से दवाओं के भीगकर खराब होने का खतरा बना रहा। दवाओं को बचाने के लिए गत्ते लगाए गए। यहां फार्मासिस्ट अनूप सिंह, वार्ड बॉय दीनानाथ और अतिबल सिंह मौजूद रहे।
पूरे तिवारी पीएचसी में आरबीएसके के डॉ. दीपक ने 22 मरीजों का उपचार किया। त्योरासी पीएचसी में आरबीएसके की डॉ. शानू सिंह ने 43 मरीजों को देखा। मंगुरा बाजार पीएचसी में आरबीएसके के डॉ. रवींद्रनाथ ने 15 मरीजों का उपचार किया।
टिकरी के उमरिया पीएचसी में दोपहर 12 बजे तक 15 मरीजों का उपचार किया गया। डॉ. रमाकांत शुक्ल ने मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के चलते बिजली की समस्या से जांच में परेशानी हुई। लैब टेक्नीशियन जितेंद्र शुक्ल ने दो मरीजों की हीमोग्लोबिन और शुगर की जांच की। मौसम में बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़े हैं। इस दौरान उमरिया पीएचसी में वार्ड बॉय श्रीप्रकाश, स्टाफ नर्स शिवांगी सिंह, फार्मासिस्ट भूपेंद्र शुक्ल समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
परसपुर पीएचसी में मरीजों का इलाज करतीं डॉ. शानू सिंह व उमरिया पीएचसी पर मरीज का इलाज करते डाॅ.