फिर अयोध्या गई SIT टीम
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को एसआईटी फिर अयोध्या पहुंची और ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा व गोपाल राव से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। टीम ने चढ़ावे के ऑडिट से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लिए और पदाधिकारियों से इससे जुड़े सवाल पूछे।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिले जिससे आने वाले दिनों में पूछताछ का दायरा और बढ़ेगा। वहीं, पुलिस की आपराधिक जांच भी जारी है। इससे इन सभी पर अब पुलिस और एसआईटी का दोहरा शिकंजा कसेगा।
ये तीनों शख्स जो चाहते थे, मंदिर में वही होता था
चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव का ही पूरे प्रबंधन में दखल था। अन्य ट्रस्टियों का दखल न के बराबर था। ये तीनों शख्स जो चाहते थे मंदिर में वही होता था। चढ़ावे की गणना से लेकर जमा करने तक की निगरानी में इनकी भूमिका रहती थी। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में तीनों लोग अपनी भूमिका होने से स्पष्ट इन्कार कर रहे हैं।
पूछताछ में चंपत, अनिल और गोपाल सीधे तौर पर टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। सभी एक साथ अब इन्हीं दोनों का नाम ले रहे हैं। हालांकि, एसआईटी और पुलिस दोनों कई सवालों के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। इनके गोलमोल जवाब और कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
जल्द इनकी गिरफ्तारियां शुरू होंगी
पुलिस मंदिर प्रबंधन से जुड़े ज्यादातर पदाधिकारियों, कर्मचारियों और निजी सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ कर चुकी है। इसमें गणनाकर्मी भी शामिल हैं। इनमें से तीन से चार लोगों को आरोपी भी बनाया गया है। बैंक कर्मियों को भी आरोपी बनाने की प्रक्रिया जारी है। जल्द इनकी गिरफ्तारियां शुरू होंगी। पुलिस केस की विवेचना में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भी मदद ले रही है।