झंझरी/गोंडा। सोनी गुमटी के पास सोमवार देर रात धनौली डिहवा निवासी राजगीर रंजीत भारती (45) की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। हत्या से आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने मंगलवार देर शाम सोनी गुमटी के पास सड़क पर शव रखकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अफसरों ने समझाकर लोगों को शांत कराया।
धनौली डिहवा निवासी सचिन भारती ने बताया कि उनके पिता रंजीत भारती राजगीर का काम करते थे। सोमवार सुबह नौ बजे सोनी कपूर गांव निवासी प्रेम कुमारी के घर में काम करने गए थे। रात करीब नौ बजे सचिन की मां रामावती ने रंजीत को फोन किया। तब उन्होंने कुछ देर में घर आने की जानकारी दी थी। फिर रात 11:30 बजे सूचना मिली कि पिता रंजीत का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है। सचिन का आरोप है कि उनके पिता की हत्या की गई है।
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम परिवार के लोग शव लेकर सोनी गुमटी पहुंचे। वहां उतरौला मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। बाद में अफसरों के समझाने पर जाम हटवाया जा सका।
नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि लोको पायलट ने स्टेशन अधीक्षक को रेलवे ट्रैक पर शव पड़ा होने की सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो रेलवे ट्रैक से कुछ दूरी पर बाइक खड़ी थी। रंजीत का शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा था। शिनाख्त होने पर परिजनों को जानकारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया ट्रेन के सामने से कूदने से मौत की आशंका है। हालांकि मृतक के बेटे सचिन की तहरीर पर आरोपी दुखहरण के खिलाफ हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। परिजनों को समझा-बुझाकर शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।
चार महीने पहले हुआ था विवाद
मृतक के पुत्र सचिन ने बताया कि नगर कोतवाली के सोनी हरिलाल निवासी दुखहरण से पिता रंजीत का विवाद हुआ था। दुखहरण ने पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। परिजनों को आशंका है कि बदला लेने के लिए रंजीत की हत्या की गई है। दरअसल, रंजीत की दुखहरण से दोस्ती थी। रंजीत ने दुखहरण की शादी कराई थी। दुखहरण शराब पीने के बाद पत्नी को पीटता था, रंजीत इसका विरोध करते थे। इतना ही नहीं, दुखहरण ने एक दिन पिटाई करके पत्नी को घर से भगा दिया था। तब रंजीत ने उसकी पत्नी को अपने घर में ठहराया था। बाद में पति-पत्नी ने रंजीत पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी। हालांकि सुलह-समझौता होने पर मामला रफादफा हो गया था।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
रंजीत परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। परिवार में पत्नी रामादेवी के साथ ही पुत्र सचिन, शिवा, पुत्री ललिता, ममता व सरिता हैं। मौत से सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
आत्महत्या बता रही थी पुलिस, इसलिए किया प्रदर्शन
मृतक के पुत्र सचिन का कहना है कि पुलिस मामले को आत्महत्या बताने पर तुली है। ऐसे में परिजनों को सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। परिवार सिर्फ कार्रवाई की मांग कर रहा है। सचिन का कहना है कि पिता रंजीत की हत्या में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस जांच कर हत्याकांड का खुलासा करे।