गोंडा। मंगलवार रात से हो जिले में हो रही मूसलाधार बारिश खेती किसानी व आम लोगों पर कहर बन कर टूटी। 36 घंटे में हुई रिकार्ड 380 मिलीमीटर बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक को पानी पानी कर दिया। अक्तूबर माह में हुई इस बारिश ने बीते सात साल का रिकार्ड तोड़ा है। लगातार जारी इस झमाझम से खेतों में खड़ी धान के साथ ही अन्य फसलों के जमींदोज हो जाने और खेतों में पानी भर जाने से किसानों को करारा झटका लगा है। भारी बारिश के कारण कई जगह सप्लाई लाइनों पर टूटकर गिरे पेड़ों के कारण शहरी व ग्रामीण इलाकों की बिजली सप्लाई भी पूरी तरह ठप रही। इसका खामियाजा 40 लाख की आबादी को भुगतना पड़ा। मौसम विभाग ने आठ अक्टूबर तक भारी बारिश की आशंका जताते हुए लोगों से पूरी तरह सतर्कता और सुरक्षा बरतने की अपील भी की है।
बीते 36 घंटों तक जिले में हुई मूसलाधार बारिश ने पांच लाख किसानों की कमर तोड़ दी है। तेज हवा के साथ हुई झमाझम ने करीब 80 हजार हेक्टेयर में लगी धान की फसल को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। कुछ इलाकों में धान की कटी फसल भी खेतों मे तैरती नजर आई। किसानों की नकदी माने जाने वाली गन्ना व सीजनल सब्जियों की खेती भी इस आपदा को नही झेल सकी और खेतों में ही बिछ गई। खेतों में कमर तक भरा पानी किसानों की इस परेशानी को दो गुना बढ़ा रहा है। परेशान किसान रामजी ने बताया कि धान की फसल की कटाई अभी शुरू ही की थी। ऐसे में करीब पांच बीघा फसल खेतों में भरे पानी में तैरता देख सब कुछ चौपट हो गया। अगर यह आफत की बारिश न थमी तो साल भर खेतों में की मेहनत भी पानी में बह जाएगी। लगातार जारी बारिश के कारण शहरी व ग्रामीण इलाकों में जगह जगह हुआ भारी जलभराव भी लोगों की परेशानी को बढ़ाता दिखा। जलनिकासी के इंतजाम फेल हो जाने के कारण मोहल्लों व कालोनियों में भरा नालियों व नालों का गंदा पानी लोगों के घरों तक में घुस गया। घरों में घुसे इस गंदे पानी के बीच लोगों को रात बिताने को विवश होना पड़ा।
बिजली सप्लाई फेल, अंधेरे में 40 लाख आबादी
लगातार जारी बारिश के कारण जगह जगह सप्लाई लाइन में आई फाल्ट के कारण पूरे जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रही। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों मे मंगलवार रात से ही गुल हुई बिजली गुरुवार दोपहर तक सामान्य नहीं हो पाई। इससे करीब 40 लाख की आबादी को अंधेरे में ही रात बिताने के लिए विवश होना पड़ा। 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक बाधित रही बिजली सप्लाई के कारण घरों में लगे इंवर्टर भी दगा दे गए।
तेज हवाओं के साथ जारी झमाझम बारिश से जगह जगह बिजली के खंभे उखड़ गए। कई अन्य जगह सप्लाई लाइन पर गिरे भारी भरकम पेड़ों ने बिजली की सप्लाई व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। गोंडा शहर, मनकापुर, करनैंलगंज तथा नबावगंज खंड के अंतर्गत मंगलवार रात से बाधित हुई अधिकांश फीडर की सप्लाई गुरुवार देर शाम तक नहीं सामान्य नहीं हो सकी। गोंडा से धानेपुर जाने वाली 33 केवीए की मेन लाइन खराब होने के कारण धानेपुर, मेहनौन व राजापुर परसौरा उपकेंद्र बंद पड़े हैं। इससे बाबागंज, बग्गीरोड ,मेहनौन, राजापुर परसौरा, धानेपुर व इटियाथोक में भी बिजली आपूर्ति बीते दो दिनों से बाधित है। बुद्धवार दोपहर में अजबनगर,देवीपुर व चन्दहा को होने वाली आपूर्ति का फ्यूज बानेपुर में दग गया। इससे करीब एक लाख की आबादी अंधेरे मे रही।
लगातार जारी बारिश के प्रकोप को देखते हुए पॉवर कार्पोरेशन की ओर से लोगों को सतर्कता बरतते हुए सुरक्षित बने रहने के संबंध में जरूरी दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। सभी से जगह जगह पेड़ों के गिरने व बिजली पोल उखड़ने से क्षतिग्रस्त हुई सप्लाई लाइन से बचने और बिजली उपकरणों से दूरी बना कर रहने की अपील की गई है। लोगों से कहा गया है कि यदि किसी के आस पास पोल या तार टूटकर गिर गया है, तो उसकी सूचना टोलफ्री नंबर 1912 पर दर्ज कराए।
फोटो-19 गोंडा में खरगूपुर के भगवानदीन पुरवा के पास गिरा विद्युत पोल। -संवाद- फोटो : GONDA
फोटो-21क्त्रस्-गोंडा में वजीरगंज के बानेपुर गांव में पानी में डूबी धान की फसल। -संवाद- फोटो : GONDA