गोंडा में गुरुवार को हो रही बारिश
- फोटो : अमर उजाला
पिछले एक पखवारा से बरसात न होने तथा उमस भरी गरमी से लोग बेहाल रहे। किसानों की लगी फसल खेतों में झुलसने लगी थी। गुरुवार की शाम को हवा के झोंकों के साथ हुई बारिश से फसल व किसान झूम उठे। गरमी से बिलबिला रहे लोगों को राहत मिल गई।
हवा के चलने से कुछ फसलों को नुकसान भी हो गया। बीते 20 दिनों से बारिश न होने से खेतों से नमी गायब हो गई थी। मक्का, धान, अरहर, गन्ने आदि की फसलें सूखने लगी थी। किसानों को फसलों की सिंचाई करनी पड़ी।
बुधवार शाम से ही हवा चलने लगी थी इससे कयास लगाया जा रहा है कि गुरुवार तक बारिश होगी। गुरुवार की शाम को हवा के साथ बारिश हुई जिससे फसलों को संजीवनी मिल गई। मक्का की फसलें गिर गई हैं लेकिन धान की फसल के लिए बरसात वरदान साबित हुई।