गोंडा। शहर को जोड़ने वाली महादेवा और मिश्रौलिया रेलवे क्राॅसिंग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के काफी समय से लंबित रेलवे के हिस्से का काम शुरू हो गया है।
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इसके बावजूद आसपास कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। ऐसे में स्कूली बच्चे व राहगीर जल्दबाजी में बंद रेलवे क्राॅसिंग को पार कर रहे हैं। इतना ही नहीं प्रदूषण को लेकर भी कोई समुचित इंतजाम नहीं किए गए हैं।
अवधि पूरी होने के बावजूद फ्लाईओवर आधे-अधूरे होने के चलते स्कूली बच्चों व आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ''अमर उजाला'' ने 21 सितंबर के अपने अंक में ''रेलवे क्रॉसिंग पर फंसे स्कूली वाहन, रोकनी पड़ी ट्रेन'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस दौरान सेतु निगम के इंजीनियरों ने दावा किया कि अप्रैल तक अपने हिस्से का काम पूरा कर लिया है। जबकि रेलवे मनमानी से बाज नहीं आ रहा है। अधिकारियों से अनुरोध के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में निर्माण की अवधि पूरी होने के बावजूद आमजनों के साथ ही स्कूली बच्चों को दिक्कतें उठानी पड़ रहीं हैं।
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भारी ट्रैफिक के चलते ट्रेनें भी लेट हो रहीं हैं। रेलवे क्रॉसिंग पर हादसे की आशंका भी बनी रहती है। इसे मंडलीय अधिकारियों के साथ ही शासन स्तर के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। जिसके बाद रेलवे के हिस्से का काम शुरू हो गया है।
शुक्रवार सुबह आठ बजे महादेवा रेलवे क्राॅसिंग पर मजदूर काम करते नजर आए तो वहीं मिश्रौलिया रेलवे क्राॅसिंग के पास गर्डर रखे गए थे। हालांकि, यहां काम नहीं शुरू हो पाया। इतना ही नहीं आसपास का क्षेत्र धूल धूसरित नजर आया। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। किसी तरह लोग सर्विस लेन से आवागमन कर रहे हैं। इसके अलावा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के चलते लोग जल्दीबाजी में बैरिकेडिंग पार करते नजर आए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी टीएन सिंह ने बताया कि प्रदूषण मानकों का पालन न करने पर दंडात्मक कार्रवाई के प्रावधान है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जल्द ही कार्यदायी संस्था की जानकारी कर नोटिस दी जाएगी।
डीआरएम आदित्य कुमार का कहना है कि रेलवे के हिस्से के फ्लाईओवर का काम शुरू करा दिया गया है। जनवरी तक हर हाल में काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।