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Gonda News: ट्रैक की मरम्मत करते समय छिटकी रेलवे लाइन, सात जख्मी

Mon, 06 Nov 2023 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा-बस्ती रेलखंड पर मोतीगंज स्टेशन के पास घूमी रेलवे लाइन। 
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गोंडा। गोंडा-बस्ती रेलखंड पर बरुवाचक व मोतीगंज रेलवे स्टेशन के ट्रैक की मरम्मत करते समय अचानक रेलवे लाइन तेजी से छिटक गई। इसकी चपेट में आने से सात ट्रैकमैन घायल हो गए। जिसमें से तीन को गंभीर चोटें आई हैं। सभी को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंडल रेल प्रबंधक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। कर्मचारियों का बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए हैं।
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मोतीगंज थाना के अंतर्गत ग्राम खिरई खिरवा के पास रेल खंड के 644 किलोमीटर पर डाउन साइड के ट्रैक को डिस्ट्रेसिंग (तनाव से मुक्त) करने के लिए गैंग संख्या 21 व 21ए के संयुक्त ट्रैकमैन मेट सुपरवाइजर दिनेश कुमार के नेतृत्व में सोमवार की सुबह 11: 00 बजे कर्मचारी कार्य कर रहे थे। करीब एक किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक का सभी पंडाल क्लिप खोल दिया गया और उसे स्लीपर से भी अलग कर दिया गया। कर्मी ट्रैक को डिस्ट्रेसिंग करने लगे तभी तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह ट्रैक अपने स्थल से तेजी से खिसक गया। जिससे सात लोग घायल हो गए।
जिसमें गंभीरावस्था में रविशंकर गुप्ता व रामजी वर्मा को लखनऊ रेफर कर दिया गया। जबकि रूपेश कुमार, रोहित रंजन, सुपरवाइजर दिनेश कुमार, राज किशोर मंडल व रविंद्र कुमार का इलाज उपमंडलीय रेलवे चिकित्सालय में चल रहा है। रविशंकर, रामजी, रूपेश कुमार के पैर व घुटने टूट गए। घटना की सूचना साथी कर्मचारियों ने डायल 112 और रेलवे को दी। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से रेलवे अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में पहले से ही मौजूद एनई रेलवे मजदूर यूनियन के पदाधिकारी व अन्य कर्मचारियों ने घायलों को भर्ती कराने में मदद की। अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमेश चंद्र व डॉ. एसके मिश्रा ने घायलों का इलाज किया।
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गर्मी व ठंड के मौसम में होता है कार्य
डिस्ट्रेसिंग (रेल ट्रैक को तनाव मुक्त करना) ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए रेलवे की इंजीनियरिंग प्रक्रिया है। इसका उपयोग लॉन्ग वेल्डेड रेल (एलडब्ल्यूआर)/निरंतर वेल्डेड रेल (सीडब्ल्यूआर) की स्थापना के बाद गर्मी व ठंड के तनाव को रोकने के लिए किया जाता है। गर्मी के कारण एलडब्लूआर व सीडब्ल्यूआर का विस्तार होता है। इसलिए तयशुदा ट्रैक झुक सकता है, जिससे टूट सकता है और दरारें आ सकती हैं। इसे रेल उपकरण की मदद से खींचकर बदल दिया जाता है। इस कार्य के लिए यातायात को निश्चित अवधि तक ब्लॉक कर दिया जाता है। तभी ट्रैक को नियमानुसार खोला जाता है।




लापरवाही का लगाया आरोप
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के वरिष्ठ शाखा मंत्री मोहम्मद फरहान ने घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए रेल प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद रेलवे अस्पताल में घायल कर्मचारियों का हालचाल जानने कोई अफसर नहीं पहुंचा। उन्होंने घटना की बारीकी से जांच करने की मांग की। इस अवसर पर केंद्रीय संगठन मंत्री राम नगीना, आबिद अली व गणेश कुमार उपस्थित थे।
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बेहतर तरीके से करें इलाज
ट्रैक ठीक करते वक्त हुए हादसे की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिये गये हैं। सभी घायल कर्मचारियों का इलाज बेहतर तरीके से करने को भी कहा है।
- आदित्य कुमार, डीआरएम, लखनऊ
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