मानदेय भुगतान में की जा रही हीला-हवाली को लेकर मदरसा शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रमजान माह में मानदेय के लिए परेशान मदरसा कर्मियों व शिक्षकों ने सोमवार को जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग तथा सीडीओ दफ्तर में जमकर हंगामा काटा।
डीएम तथा सीडीओ को दिये गये ज्ञापन में इन लोगों ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर पैसा मांगने का आरोप लगाया है। कर्मियों व शिक्षकों ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का प्रभार किसी अन्य अधिकारी को दिये जाने की मांग की है।
सोमवार को आल इंडिया टीचर्स एशोसिएशन मदारिसे अरबिया शाखा बलरामपुर जनरल सेक्रेटरी रियाज अहमद खां, वारिस अली, मोहम्मद अता हुसैन, शमीम खां आदि ने मानदेय भुगतान के बारे में जानकारी लेने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विभाग पहुंच गए।
इन लोगों का कहना है कि मानदेय भुगतान के लिए प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पैसे की मांग कर रहे हैं। रमजान महीने में मानदेय भुगतान में की जा रही हीला-हवाली पर इन लोगों ने विभागीय अधिकारियों व कर्मियों से जमकर बहसबाजी की।
ये लोग मामला लेकर सीडीओ रामाश्रय के पास पहुंचे। सीडीओ द्वारा भी संतोषजनक जवाब न मिलने पर मदरसा शिक्षक व कर्मी शांत नहीं हुए। इन लोगों ने प्रभारी डीएम गंगाराम गुप्ता को ज्ञापन सौंप कर मानदेय भुगतान किए जाने की मांग की है।
इन लोगों का कहना है कि चार महीने वेतन व भुगतान न मिलने के कारण इनका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। इन लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि भुगतान के लिए पैसा मांगने वाले जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को हटाया नहीं गया तो वह लोग उग्र आंदोलन करेंगे।
इस संबंध में प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डीएन सिंह ने बताया कि पैसा मांगने का आरोप झूठा व मनगठंत है। मैंने सभी लोगों से वेतन व मानदेय भुगतान के लिए किसी को भी रिश्वत न देने की अपील की है। यदि कोई रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत अवश्य करें।