शैक्षिक माहौल सुधारने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने टीमें गठित कर तीन शिक्षा क्षेत्रों के 11 स्कूलों का औचक निरीक्षण कराया। इस दौरान 12 हेडमास्टर व शिक्षक स्कूल से बिना सूचना के नदारद मिले और तीन हेडमास्टरों के खिलाफ लापरवाही बरतने की शिकायत पाई गई। लापरवाही बरतने वाले 15 हेडमास्टर व शिक्षकों से तीन दिन में जवाब तलब किया गया है। जवाब संतोषजनक न देने पर महकमा ने दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बीएसए जय सिंह ने शनिवार को बताया कि स्वयं के साथ-साथ टीमें गठित कर तीन शिक्षा क्षेत्रों के 11 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों का विभिन्न तिथियों में औचक निरीक्षण किया गया।
इस दौरान पचपेड़वा क्षेत्र के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय धवाई के इंचार्ज हेडमास्टर विजय कुमार यादव 19 दिसंबर, प्राथमिक विद्यालय नरचहवा सैफ द्वितीय के सहायक अध्यापक वीरेंद्र कुमार यादव 12 जनवरी, प्राथमिक विद्यालय मदरहिया के हेडमास्टर राजेश खन्ना व सहायक अध्यापक भूनेश्वरी प्रसाद 11 व 12 जनवरी, प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर थुम्हवा के हेडमास्टर मनोज कुमार दूबे सात से 12 जनवरी तक व सहायक अध्यापक भूनेश्वरी प्रसाद 11 जनवरी, उच्च प्राथमिक विद्यालय मनकापुर की सहायक अध्यापिका नीलम शुक्ला छह फरवरी, प्राथमिक विद्यालय बंजरिया के हेडमास्टर सूर्यप्रकाश यादव छह फरवरी और उच्च प्राथमिक विद्यालय धवाई के सहायक अध्यापक सुरेंद पाल सिंह व विजय कुमार यादव 18 जनवरी को बिना सूचना के स्कूल से अनुपस्थित पाए गए।
इन स्कूलों में छात्रों की कम उपस्थिति, शैक्षिक माहौल में गड़बड़ी, ड्रेस वितरण में लापरवाही पाए जाने पर तीन दिन के अंदर इन सभी से जवाब तलब किया गया है।
वहीं, गैसड़ी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सदवापुर के 30 जनवरी के निरीक्षण में सरकारी धन निकालने के बावजूद गेट न लगवाने, ड्रेस वितरण न करने, छात्रों की कम उपस्थिति व जवाब न देने के आरोप में हेडमास्टर रमेश कुमार से तीन दिन में जवाब तलब किया गया है।
बलरामपुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लालनगर पड़री के इंचार्ज हेडमास्टर विपिन कुमार श्रीवास्तव, सारिका पांडेय व सुधा तिवारी निरीक्षण के दौरान 18 फरवरी को स्कूल से नदारद मिले। बिना सूचना के स्कूल में ताला लगाकर गायब रहने, दरवाजे व खिड़की न लगवाने के आरोप में जवाब तलब किया गया है।