गोंडा। अक्सर सुर्खियों में रहने वाला लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यहां तैनात एक अफसर के खिलाफ एक महिला ने दुष्कर्म समेत अन्य आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। डीएम के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता ने जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा विभाग में तैनात एक कनिष्ठ लिपिक पर सहकर्मी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत की। डीएम के निर्देश पर कमेटी गठित करके जांच शुरू कर दी गई है।
प्रयागराज निवासी महिला का कहना है कि वह सिविल लाइन स्थित एक क्लीनिक में काउंसलर व मैनेजर के पद पर कार्यरत है। 24 अक्तूबर को आरोपी क्लीनिक पर आया। आरोप है कि बात करते वक्त उसने भद्दे इशारे किए और छेड़छाड़ की। फिर गलती से हाथ लगने की बात कहते हुए माफी मांगी। दो दिन बाद 26 को दोबारा आया और खुद को बड़ा अधिकारी बताते हुए दुष्कर्म किया। महिला के शोर मचाने पर आरोपी बर्बाद करने की धमकी देते हुए चला गया।
महिला का आरोप है कि पुलिस से शिकायत की, लेकिन आरोपी के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता ने जिलाधिकारी से आरोपी के खिलाफ जांच व कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी को मामले की जांच सौंपी है। अधीक्षण अभियंता भगवान दास का कहना है कि जांच की जा रही है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जांच शुरू, जल्द होगी कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी में कार्यरत महिला कर्मी का आरोप है कि कार्यालय में तैनात एक कनिष्ठ लिपिक उसके साथ अभद्रता करता है। गत दिनों आरोपी कर्मचारी ने उसके साथ छेड़छाड़ की। विभागाध्यक्ष से शिकायत की तो मामला सुलझाने का प्रयास किया गया। आजिज आकर पीड़िता ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई। अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार त्रिपाठी का कहना है कि टीम ने जांच शुरू कर दी है।