संतोष कुमार वर्मा उर्फ राजन। फाइल फोटो
झंझरी/गोंडा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिपिक संतोष कुमार वर्मा उर्फ राजन (52) का शव शहर के पटेल नगर स्थित घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस के मुताबिक संतोष घर में अकेले रहते थे। उनकी बेटी हर्षिता बलरामपुर के रेहरा बाजार क्षेत्र में अपनी मौसी सुमन वर्मा के घर में रहकर पढ़ाई कर रही है। बुधवार को जब घर से कोई हलचल नहीं हुई तो आसपास के लोगों को शक हुआ। इसी बीच घर में काम करने वाले मोथाजोत मलारी निवासी ननके प्रसाद वर्मा और रामू घर पहुंचे। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला तो दोनों ने पड़ोसियों को सूचना दी। सूचना पर चौकी प्रभारी महराजगंज पिंटू कुमार मौके पर पहुंचे और उनके सामने दरवाजा खोला गया। अंदर कमरे में बेड पर संतोष कुमार वर्मा मृत अवस्था में पड़े मिले। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
लिपिक के मौत की सूचना पर पहुंचे रिश्तेदार
सूचना पर संतोष के बहनोई अमित आनंद चौधरी पहुंचे। बस्ती के रहने वाले अमित पुलिस महकमे में हैं और वह बहराइच में तैनात हैं। अमित ने बताया कि संतोष तीन साल से बीमार थे। हालांकि अब हालत में कुछ सुधार था। संतोष सुबह ई रिक्शा से ऑफिस जाते थे और काम निपटाने के बाद शाम लौटते थे। रिश्तेदार विनोद वर्मा व आलोक वर्मा ने बताया कि अचानक मौत की खबर से वह सभी स्तब्ध हैं।
काम करने वालों के पास भी रहती थी घर की चाबी
मृतक की बेटी हर्षिता ने बताया कि घर में काम करने वाले ननके प्रसाद और रामू के पास भी घर की चाबी रहती थी। दरवाजे में इंटरलॉक लगा था, जो दोनों ओर से खुल सकता था। पुलिस ने उन्हीं की चाबी से दरवाजा खोला था।