गोंडा। करनैलगंज के सरयू पुल का कैंटीलिवर स्लैब (पुल के नीचे का आधार) का बीम टूटकर गिर गया है। पुल तो क्षतिग्रस्त हो ही गया है, एप्रोच का दोनों तरफ का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे गोंडा-लखनऊ राजमार्ग बंद कर दिया गया है। शनिवार सुबह हुई इस घटना से हड़कंप मच गया है। पुल की मरम्मत न होने से अब राजधानी जाने के लिए लोगों को दूसरे रास्तों से घूम कर या फिर अयोध्या होकर जाना होगा। इससे दूरी तो बढ़ेगी ही खर्चा भी बढ़ेगा। वाहनों के आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
जरवल रोड से गोंडा तक फोरलेन सड़क का निर्माण होने के समय से सरयू पुल को फोरलेन किए जाने का प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग की ओर से दिया गया है। इसके बाद भी टू- लेन पुल से आवागमन हो रहा था, जबकि यह पुल करीब 15 साल पहले ही अपनी निश्चित आयु पूरा कर चुका है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने पुल की मरम्मत कराने से हाथ खड़ा कर दिया है। मरम्मत कार्य के लिए सेतु निगम को सूचना दी गई है। शनिवार की सुबह सरयू पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते तत्काल एसडीएम हीरालाल यादव, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा के दृष्टिगत आला अधिकारियों ने वाहनों का आवागमन बंद कराकर रूट डायवर्जन करा दिया।
मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी हीरालाल यादव ने बताया लोकनिर्माण विभाग व सेतु निगम को को सूचित गया है। पुल में आई खराबी को ठीक कराने के बाद वाहनों का आवागमन बहाल किया जाएगा। पुल के पास पुलिस व पीएसी के जवानों को लगाया गया है। पुल से पहले नरायनपुर तिराहे से उसरा चहलार घाट होते हुए कैसरगंज से लखनऊ व बहराइच के वाहनों को भेजा जा रहा है। कटरा शहबाजपुर, बरगदी तिराहे से भौरीगंज, परसपुर होते हुए गोंडा बलरामपुर व अयोध्या जाने वाले वाहनों को भेजा जा रहा है।
1964 में बनकर तैयार हुआ था पुल
सरयू नदी पर कटरा पुल का निर्माण वर्ष 1958 में शुरू हुआ था। इसके बाद 1964 में इस पुल पर आवागमन शुरू कराया गया था। करीब 60 वर्ष पहले बने इस पुल में कई बार दरारें पड़ चुकी हैं, जबकि किसी भी पुल की उम्र 50 वर्ष से अधिक शासन के नियमों में शामिल नहीं है। पीडब्लूडी व सेतु निगम ने पुल को दुरुस्त कराकर आवागमन बहाल कर दिया जाता रहा।
वाहनों के आने-जाने पर पुल हिलता रहता है। पुल का लास्ट एबडमेन्ट पूर्व का हिस्सा ही धंस जाने से और भी खतरनाक हो गया है। पुल के ज्वाइन्ट पर भी दरार बढ़ गई है। पुल की मरम्मत के वर्षों से नहीं की कराई गई है। मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के एई गोपाल पत्रलेख व रामनिवास ने बताया कि जब तक सेतु निगम की टीम मौके पर पहुंचकर पुल में हुए नुकसान का सही आकलन नहीं करती, तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता।
गोंडा-बलरामपुर को राजधानी से जोड़ता सरयू पुल
यह मार्ग गोंडा, बलरामपुर के लिए राजधानी से सीधे जुड़े होने से काफी महत्वपूर्ण है। अचानक इसके बंद होने से हजारों की संख्या में निकलने वाले वाहनों को नारायनपुर मोड़ चौराहे से वाया कैसरगंज के लिए डायवर्ट किया जा रहा है। मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा बताया जा रहा है कि अभी पुल कब तक दुरुस्त होगा, यह कहा नहीं जा सकता। फिलहाल के लिए इस सड़क से यात्रा करने वालों के लिए पुल का टूटना गंभीर समस्या बन गई है। इस पुल की उल्टी गिनती शुरू हो गई तथा पुल के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
60 साल के पुल की नहीं रही किसी को चिंता
सरयू पुल के निर्माण की चिंता कभी भी जनप्रतिनिधियों ने की। विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी स्वीकृति के लिए गंभीर प्रयास नहीं हुए। पुल 60 साल पुराना हो चुका है और करीब 15 साल पहले से जर्जर है, यही नहीं चार सालों से तो पुल की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। इसके बाद भी न तो बड़े वाहनों पर रोक लगी और न निर्माण के प्रयास हुए। माना जा रहा है कि इस पुल को सड़क के हो जाने से पुल भी फोरलेन का बनाना चाहिए था। ऐसा न करके पुल को ही आंशिक मरम्मत करके छोड़ दिया जाता रहा।
- पुल की मरम्मत के लिए मुख्य अभियंता सेतु को पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही फोरलेन पुल का निर्माण कराने के लिए इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किए जाने की संस्तुति की गई है। अंबिका सिंह, मुख्य अभियंता, देवीपाटन क्षेत्र, पीडब्लूडी